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शहीद हमीर की ढाई वर्ष की बेटी को नहीं पता कि क्यों रो रही है मां, और दादी को क्या हुआ

शहीद हमीर सिंह पोखरियाल

ऋषिकेश। गुरेज सेक्टर में मंगलवार को आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले राइफलमैन शहीद हमीर सिंह पोखरियाल (27 वर्ष) की पत्नी पूजा पोखरियाल (24 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। मां राजकुमारी को बेटे की खबर सुनकर बेसुध हो गई। मित्र, रिश्तेदार और आसपास के लोग सांत्वना देने के लिए आ रहे हैं लेकिन शहीद हमीर सिंह के परिजनों की हालत देख उन्हीं की आंखे डबडबा आती हैं। छोटा भाई सुनील किसी तरह से खुद पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहा है। शहीद हमीर के पिता जयेंद्र सिंह सशस्त्र सीमा बल (SSB) में हैं और इन दिनों अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा ड्यूटी पर हैं। परिजनों ने जब उन्हें फोन पर हमीर सिंह की शहादत की खबर दी गई तो वे फफक-फफक रो पड़े और उनका गला रूंध गया। शहीद हमीर की मासूम बेटी अनवी (ढाई वर्ष) को समझ नहीं आ रहा कि मां रो क्यों रही है और दादी बेसुध क्यों है। वह कभी अपनी मां को चुप कराने का प्रयास करती है तो कभी बेसुध दादी को उठाने की कोशिश करती है। मासूम अनवी के प्रयासों को देख आसपास मौजूद सभी की आंखें नम हो उठती हैं।





दो दिन पहले ही हमीर सिंह ने घर फोन किया था और परिजनों का हालचाल लिया था। मीडिया खबरों के मुताबिक मंगलवार सुबह जब जम्मू से 36 राष्ट्रीय राइफल्स के सैन्य अधिकारी का फोन आया तो पूजा ने फोन उठाया। अधिकारी को जब पता चला कि फोन पर हमीर सिंह की पत्नी है तो उन्होंने पूछा कि अपने ससुर से बात कराइये। पूजा ने जब बताया कि वह अमरनाथ यात्र की सुरक्षा में तैनात हैं तो अधिकारी ने सास के बारे में पूछा, पूजा ने बताया कि वह सत्संग में गई हैं। पूजा ने जब पूछा कि क्या बात है, मुझे बताइए तो अधिकारी ने कहा कि आपको नहीं बता सकते। इस पर पूजा ने फोन अपने देवर सुनील को पकड़ा दिया। अधिकारी ने सुनील को हमीर सिंह की शहादत के बारे में बताया। यह सुनते ही सुनील के हाथों से फोन जमीन पर जा गिरा।

घर में हाहाकार मच गया। शहीद हमीर की मां राजकुमारी ने जैसे ही यह खबर सुनी वह बेहोश हो गईं। हमीर की पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। एक अखबार के मुताबिक शहीद की पत्नी का एक ही सवाल है कि आखिर कब तक हमारे सुहाग इस तरह शहादत देते रहेंगे।

शहीद हमीर सिंह का परिवार मूलतः उत्तरकाशी के पोखरियाल गांव का रहने वाला है लेकिन पिछले काफी समय से ऋषिकेश के गुमानीवाला में रह रहा है। उनके घर के लगभग हर सदस्य सशस्त्र बलों में कार्यरत हैं। उनके पिता जयेंद्र सिंह SSB में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं। उनके चाचा शैलेंद्र सिंह गढ़वाल राइफल्स में असम में और दूसरे चाचा आलेंद्र सिंह जम्मू में तैनात हैं।

हमीर सिंह के भाई सुनील बताते हैं, उत्तरकाशी से इंटरमीडिएट करने के बाद हमीर सिंह वर्ष 2010 में 12 गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। छुट्टियां बिताने के बाद बीते चार जून को ही वह ड्यूटी पर लौटे थे। हमीर सिंह गुमानीवाला के दूसरे जवान हैं जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी। पिछले वर्ष गुमानीवाला के ही विकास गुरुंग ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे।

 

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