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सेना में प्रमोशन नीति में कई बदलाव, आर्मी कमांडर की बढ़ेगी संख्या

नई दिल्ली। सेना में अफसरों के प्रमोशन की नीति में बड़े बदलाव किए गए हैं। एक अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक आर्मी अफसरों को अब पदोन्नति पाने के लिए कड़ी कसौटी पर खरा उतरना होगा। एक अन्य फैसले के मुताबिक सेना में आर्मी कमांडर के लिए पहले से ज्यादा अफसर होंगे।





अब सैन्य अफसरों की मामूली गलतियों का भी बाकायदा रिकॉर्ड रखा जाएगा पदोन्नति के सम्बन्ध में अफसर के पिछले 10 साल का हिसाब रखा जाएगा। कुछ मामलों में पूरी सेवा का रिकॉर्ड भी खंगाला जा सकता है। गौरतलब है कि अफसरों पर यौन और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के मद्देनजर यह फैसला अहम है। अब मामूली गलतियों का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा और गोपनीय रपटों में इसका जिक्र होगा।

आर्मी कमांडर की संख्या में होगी बढ़ोत्तरी

इस बीच सेना के एक अन्य फैसले में  आर्मी कमांडर के रैंक पर नियुक्ति के लिए यदि किसी अफसर की 24 महीने की जगह 18 महीने की सेवा भी बाकी हो तो यह काफी होगी। सैन्य सेवा की बची अवधि कम करने से आर्मी कमांडर बनने के लिए कमतर उम्र के ज्यादा लेफ्टिनेंट जनरल अफसरों को मौका मिलेगा। वे सेना के ऑपरेशनल कमांड्स में जनरल अफसर कमांडिंग इन चीफ बन सकेंगे।

सेना के लिए एक पैनल ने कहा था कि बाकी बची सर्विस के आधार पर आर्मी कमांडरों और कोर कमांडरों की नियुक्ति की नीति पर नए सिरे से गौर किया जाना चाहिए। मेजर जनरल और लेफ्टिनेंट जनरल की रैंक के लिए प्रमोशन बोर्ड्स की खातिर हाल में ये नए दिशानिर्देश जारीकर दिए गए हैं।

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