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जानिए, क्या है इंडिया गेट की ‘अमर जवान ज्योति’ की लौ का राज?

गणतंत्र दिवस पट्टी





कई वर्ष से इंडिया गेट पर ‘अमर जवान’ ज्योति को आप जलते देख रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह 24 घंटे और सातों दिन कैसे जलती है। दरअसल, इस लौ को प्रज्ज्वलित रखने के लिए यहां बनाया गया एक कमरा कंट्रोल रूम का काम करता है। इस कमरे से पाइप लाइन के जरिए गैस ‘अमर जवान’ ज्योति तक लगातार पहुंचती है। लौ हर समय जलती रहे यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका रहती है चंदर सिंह बिष्ट की।

पहले ये गैस सिलेंडरों के जरिए पहुंचाई जाती थी लेकिन कुछ साल पहले यहां आईजीएल की पाइप लाइन बिछने से काम थोड़ा आसान हो गया है। बावजूद इसके सही मात्रा में गैस को निरंतर पहुंचाते रहना बेहद चुनौती भरा रहता है। पाकिस्तान से साल 1971 की जंग के बाद बनाए गए ‘अमर जवान’ स्मारक की इस ज्योति का रखवाला तभी से दिन रात काम करता है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय से रिटायर हुए चंदर सिंह बिष्ट को हमेशा यहीं रहना पड़ता है।

बिष्ट रक्षा मंत्रालय से रिटायर हो चुके हैं लेकिन इस लौ का मोह वह शायद ताजिंदगी न छोड़ पाएंगे। इन्ही जज्बात के साथ जीते चंदर सिंह बिष्ट परिवार से मिलने साल में दो बार ही जा पाते हैं। बिष्ट की मदद के लिए एक प्राइवेट कंपनी से इंजीनियर भी रखा गया है। उसका काम यदि गैस के बर्नर आदि में कोई खराबी आती है तो उसे ठीक करना है। देश के कर्णधार बदलते रहे, यहां आते रहे लेकिन ज्योति का रखवाला आज भी चंदर सिंह बिष्ट ही हैं।

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