DEFENCE

नगरोटा आर्मी कैंप हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ  

नगरोटा आर्मी कैंप

नई दिल्ली। लगभग डेढ़ वर्ष पहले नगरोटा आर्मी कैंप पर हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस हमले के आरोपी आशिक बाबा, तारिक अहमद डार और मुनीर-उल-हसन कादरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इन आतंकियों ने कबूल किया है कि हमले के वक्त वे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कंमाडर्स के लगातार संपर्क में थे। बता दें कि 29 नवंबर 2016 को आतंकियों ने नगरोटा में सेना के कैंप पर हमला किया था। उस हमले में दो मेजर सहित सात जवान शहीद और तीन घायल हो गये थे। सेना की जवाबी कार्रवाई में तीन पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गये थे।





गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकवादियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे मुजफ्फराबाद स्थित मौलाना मुफ्ती असगर के संपर्क में थे। उसका भांजा वकास हाल ही में पुलवामा में एक एंकाउटर में मारा गया। वकास दक्षिण कश्मीर में जैश का कमांडर था। जैश कमांडर इन तीनों आतंकवादियों को व्हाट्सएप के जरिए टैक्सट और वायस मैसेज भेजते थे। पूछताछ में इन्होंने बताया कि वे कारी जरार, वसीम और अबु तल्हा के संपर्क में भी थे। पूछताछ में इन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2015 से 2017 के बीच आशिक बाबा वाघा बॉर्डर के रास्ते चार बार कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया। उसे हुर्रियत नेताओं सयैद अली शाह गिलानी, गनी बट और मौलाना उमर फारूक के reference letters से वीजा मिला।

इन तीनों गिरफ्तार आतंकवादियों से पूछताछ जारी है।

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