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INSV तारिणी: नेवी की महिला जांबाजों ने नौका से नापी दुनिया, जल्द लौटेंगी स्वदेश

नई दिल्ली। समुद्र के रास्ते पूरी दुनिया नापने निकलीं भारतीय नौसेना की छह महिला अफसर अपना सफर अब पूरा कर चुकी हैं। नेवी की महिला अफसरों का यह दल 55 फीट की आधुनिक नौका आईएनएसवी तारिणी से आखिरी पड़ाव पूरा कर देश लौटने की दिशा में बढ़ चुकी हैं। सोमवार को उनकी नौका ने भूमध्य रेखा को पार कर उत्तरी गोलार्ध में प्रवेश किया।





इंडियन नेवी ने ट्वीट करते हुए बताया ‘तमाम मुश्किलों से पार पाते हुए हमारी ऑफिसर्स ने समुद्र की परिक्रमा पूरी कर ली है। INSV तारिणी गोवा से अब मात्र 1012 नॉटिकल मील दूर है। वे कुछ दिन में देश पहुंच जाएंगी।

नेवी के अनुसार नौका के स्टीयरिंग गियर के सही प्रकार काम न कर पाने के कारण दल को आखिरी पड़ाव में 26 अप्रैल को मॉरीशस के पोर्ट लुईस में इमरजेंसी में रुकना पड़ा। हालांकि टीम जल्द अपने मिशन पर बढ़ गई और जल्द ही अपने देश की समुद्री सीमा में प्रवेश कर लेगी।

महिला दल ने केक काटकर मनाया इस कामयाबी का जश्न.

6 महिलाओं का यह दल पिछले वर्ष 10 सितंबर को गोवा से समुद्र के रास्ते धरती की परिक्रमा करने निकली थी। INSV तारिणी से सफर में टीम को चार जगह ऑस्ट्रेलिया के फ्रेमेंटले, न्यूजीलैंड के लीटेल्टन, फाकलैंड आईलैंड के पोर्ट स्टेनली और दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में ठहरना था। 2 मार्च को महिलाओं की टीम केपटाउन पहुंची, तब तक योजना के मुताबिक सफर चला। आखिर में मॉरीशस पहुंची तो नाव खराब हो गई और टीम को मजबूरन वहां ठहरना पड़ गया। टीम ने गोवा से उत्तरी गोलार्ध तक 18 हजार नॉटिकल मील का सफर किया।

इस बिंदु से आगे बढ़ रही है INSV तारिणी

नेशनल पॉलिसी में महिला सशक्तिकरण के तहत ‘नाविक सागर परिक्रमा’ रखी गई, ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाएं नेतृत्व कर सकें। इसके तहत नौसेना की छह महिला अफसरों का एक दल तैयार किया गया। खास बात यह थी कि इस मिशन पर उनके साथ कोई पुरुष नहीं था।

मिशन पूरा कर अपने देश लौटने की खुशी नेवी अफसरों के चेहरे पर साफ़ झलक रही है.

टीम का नेतृत्व लेफ्टि.कमांडर वर्तिका जोशी कर रही हैं। उनके साथ लेफ्टि.कमांडर प्रतिभा जामवाल, लेफ्टि. कमांडर पी स्वाति, लेफ्टि. विजया देवी, लेफ्टि. बी एश्वर्या और लेफ्टिनेंट पायल गुप्ता भी हैं। मिशन पर रवाना होने से पहले दल को खाराब मौसम और समुद्र में आने वाले खतरों से निपटने की ख़ास ट्रेनिंग दी गई थी।

मिशन के दौरान महिला अफसरों ने अपने अनुभव सोशल मीडिया पर भी शेयर किये। मिशन के बीच एक बार उनकी नौका तूफान में फंस गई और 7 मीटर तक ऊंची लहरों से भी सामना हुआ। हालांकि टीम ने धैर्य रखा और इससे पार पा लिया।

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