DEFENCE

भारत-पाकिस्तान के कोस्ट गार्ड करेंगे साझा अभ्यास

इंडियन कोस्ट गार्ड
इंडियन कोस्ट गार्ड (सौजन्य- गूगल)

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही मौजूदा तनातनी के बीच एक-दूसरे पर परस्पर भरोसा बढ़ाने वाला एक अहम कदम दोनों देशों के कोस्ट गार्डों ने उठाया है। दोनों देश संकट में फंसे जहाजों के राहत व बचाव कार्य के लिये एक मानक प्रक्रिया तय करने के लिए इस तरह का साझा अभ्यास करेंगे।





यहां भारतीय कोस्ट गार्ड और पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी के आला अधिकारियों के बीच हुई बैठक के दौरान उक्त आशय के प्रस्ताव पर सहमति हुई। इस बारे में जानकारी देते हुए कोस्ट गार्ड के प्रवक्ता ने यहां बताया कि समुद्र में फंसे संकटग्रस्त जहाज और इसके नाविकों को बचाने के लिये दोंनों एजेंसियों के राहत तालमेल केन्द्रों के बीच-बचाव और सम्पर्क अभ्यास आयोजित किये जाएं। इसके साथ ही समुद्र में तेलवाहक जहाजों में दुर्घटना के बाद तेल फैलने के बाद उससे साझा तौर पर निबटने के लिये आपसी सहयोग की प्रक्रिया तय करने पर भी सहमति हुई है।

इस बैठक के दौरान भारतीय कोस्ट गार्ड के महानिदेशक ने प्रस्ताव रखा कि जो मछुवारे अंतरराष्ट्रीय सीमा को गलती से पार कर जाते हैं उन्हें तुरंत लौटाने की एक प्रक्रिया तय की जानी चाहिये। उन्हें मानवीय आधार पर लौटाया जाना चाहिये। इसके अलावा दोनों देश मछुवारों और उनकी नौकाओं के बारे में तुरंत जानकारी मुहैया कराएं।

पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी के महानिदेशक रियर एडमिरल जका उर रहमान और भारतीय कोस्ट गार्ड के महानिदेशक राजेन्द्र सिंह के बीच यह उच्चस्तरीय वार्ता यहां 28 मई को कोस्ट गार्ड के मुख्यालय में हुई। दोनों देशों के कोस्ट गार्डों के बीच यह बैठक सालाना होती है जिसमें दोनों एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय सीमा और मछुवारों से सम्बन्धित मसलों पर बात करती है। इस बैठक में रक्षा और विदेश मंत्रालयों के आला अधिकारी भी मौजूद रहते हैं।

दोनों समुद्री सुरक्षा बलों के बीच गैर सैनिक समुद्री मसलों पर बात करने के लिये एक हाटलाइन भी स्थापित हो चुकी है। इस मसले पर दोनों देशों के बीच सहमति के ज्ञापन पर हस्ताक्षर कुछ साल पहले हुआ था।

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