DEFENCE

जानिए, वायुसैनिक पहली बार किससे सीखेंगे लड़ाई के गुर?

भारतीय वायुसैनिक

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना इजराइल में अपनी तरह का पहला युद्ध अभ्यास करने जा रही है। इस संयुक्त युद्ध अभ्यास में अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी की सेनाएं भी शामिल होंगी। खास बात ये है कि चीन और पाकिस्तान इसमें शामिल नहीं होंगे। इस संयुक्त एरियर ड्रिल को इतिहास के सबसे बड़े और जटिल संयुक्त युद्धाभ्यास में से एक माना जा रहा है।





एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अभी इस संयुक्त युद्धाभ्यास का ब्योरा सामने नहीं आया है लेकिन भारतीय रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र ने अखबार को बताया कि भारतीय वायुसेना इस साल के आखिर में ब्लू फ्लैग एक्सरसाइज में शामिल होने वाली है।

भारत को सैन्य साजोसामान और हथियार आपूर्ति करने वाला इजराइल प्रमुख देश है। रिपोर्ट के अनुसार इस सैन्य अभ्यास में 7 देश हिस्सा लेंगे और करीब 100 युद्धक विमान इसमें हिस्सा लेंगे। लेकिन ये साफ नहीं है कि भारत के कौन से युद्धक विमान शामिल होंगे। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इजराइल से भारत को मिले मानवरहित होरेन एरियल वेहिकल इसमें शामिल होंगे। इससे पहले भारतीय वायुसेना अमेरिका में रेड फ्लैग एक्सरसाइज में हिस्सा ले चुकी है। भारतीय सेना ने मई 2016 में अलास्का में संयुक्त युद्धाभ्यास किया था जिसमें भारत के चार सुखोई 30 MKI और चार जगुआर और दो आईएल 78 मिड एयर टैंकर शामिल हुए थे।

इसी साल फरवरी में भारत ने इजराइल के संग मिसाइल सौदा किया। भारत और इजराइल मिलकर मध्यम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली (MR-SAM) मिसाइल बनाएंगे। भारत सरकार के 17 हजार करोड़ रुपये के इस सौदे के बाद मिलने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय थल सेना करेगी। भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और इजराइली एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री (IAI) दोनों साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।

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