DEFENCE

साइबर हमले से बचाव के लिये कमर कस रहा है भारत

साइबर क्राइम
साइबर क्राइम (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली। तीनों सेनाओं औऱ विभिन्न रक्षा महकमों को साइबर हमलों से बचाने के लिये रक्षा मंत्रालय अब कमर कस रहा है। देश के महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों को साइबर हमलों से बचाने के लिये देश में पहली बार एक साइबर सुरक्षा ढांचा (साइबर सेक्युरिटी फ्रेमवर्क) बनाया गया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा उत्पादन विभाग को यह साइबर सुरक्षा ढांचा बनाने के लिये बधाई दी है।





रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा साइबर सुरक्षा मसले पर आयोजित राष्ट्रीय गोष्ठी का उदघाटन करते हुए रक्षा मंत्री सीतारमण ने कहा कि सम्भावित हमलों की आशंका में हमें साइबर जगत को सुरक्षा प्रदान करनी होगी। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिये विभिन्न महकमों के विभिन्न स्तरों पर साइबर सुरक्षा सेल की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि साइबर जगत में एक प्रभावशाली ताकत बनने के लिये भारत को जरूरी मानव संसाधन तैयार करने होंगे।

इसके पहले रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार ने कहा कि चूंकि रक्षा मंत्रालय का हर विभाग, सैन्य इकाइयां और रक्षा कारखाने सूचना तकनीक पर निर्भर हो चुके हैं इसलिये साइबर सुरक्षा से हम किसी तरह का समझौता नहीं कर सकते। साइबर सुरक्षा ढांचा के तहत सभी महकमों से कहा गया है कि नियमित तौर पर क्षमता सुधार के बारे में अवगत कराते रहें।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यदि कोई युद्ध होगा तो दुश्मन देश हमारे विभिन्न सैन्य तंत्र और सैन्य प्रणालियों को बेअसर औऱ बेकार बनाने के लिये साइबर हमला करेंगे ताकि भारतीय हथियार दुश्मन देश पर हमला करने के काबिल ही नहीं रहें। इसलिये अपने सैन्य तंत्र को दुश्मन के साइबर हमले से बचाने के लिये जरूरी साइबर ढांचा ख़ड़ा करना होगा।

 

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