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सीमा पर तनाव कम करने के मकसद से हॉटलाइन पर बात करेंगी भारत-चीन की सेनाएं

भारत-चीन की सेनाएं

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच ‘टेलीफोन हॉटलाइन’ की शुरुआत की जाएगी। चीन की आधिकारिक मीडिया ने इस बात की जानकारी दी। बता दें कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों तक चीन के दौरे पर वुहान गए थे। यहां पर उनकी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ कई दौर की वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने सीमा विवाद पर भी चर्चा की। दोनों नेता इस बात पर तैयार हुए थे कि भारत-चीन के बीच फिर से डोकलाम जैसी घटना की पुनरावृति न हो, इसके लिए सेनाओं के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।





चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने कहा कि दोनों देशों के नेता अपने-अपने सैन्य मुख्यालयों के बीच एक हॉटलाइन बनाने पर सहमत दिख रहे हैं। इसे दोनों देशों के बीच विश्वास पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है क्योंकि इससे दोनों मुख्यालयों को 3,488 किमी लंबी LaC पर सीमा गश्ती दल के बीच तनाव और डोकलाम जैसे तनातनी से बचने के लिए संवाद बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।

भारतीय आर्मी ने पिछले वर्ष विवादित क्षेत्र में चीनी सेना को सड़क निर्माण कार्य करने से रोक दिया था जिसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच डोकलाम विवाद 73 दिनों तक चला था।

हॉटलाइन से दोनों सेनाओं के बीच विश्वास पैदा होगा 

हॉटलाइन के बारे में लंबे समय से बातचीत हो रही है पर कुछ मुद्दों जैसे कि मुख्यालयों में किस स्तर पर हॉटलाइन स्थापित की जा सकती है, ऐसे ही कुछ मसलों की वजह से योजना आगे नहीं बढ़  पाती। शी चिनफिंग चीन की सेना में कई बड़े बदलाव किए है और उनके नेतृत्व में उसकी कमान के स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव हुए। अखबार ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि चीन और भारत के बीच सैन्य विश्वास द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है और यह दोनों देशों से धैर्य और ईमानदारी की मांग करता है।

 

 

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