DEFENCE

देशी बोफोर्स तोप धनुष का अंतिम दौर का परीक्षण जारी

भारतीय बोफोर्स

नई दिल्ली। देश में बनी पहली देशी बोफोर्स  होवित्जर तोप धनुष का इन दिनों जैसलमेर में अंतिम दौर का परीक्षण चल रहा है। उम्मीद है कि इन परीक्षणों के सकारात्मक नतीजों के बाद इन्हें थलसेना को सौंपने की हरी झंडी दी जाएगी और इनका व्यापक उत्पादन शुरू हो जाएगा।





सैन्य सूत्रों के मुताबिक पोकरण के फील्ड फायरिंग रेंज में धनुष में भारी तकनीकी सुधार के बाद परीक्षण दो साल के बाद फिर शुरू किया गया है। आर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड द्वारा विकसित औऱ जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्टरी द्वारा निर्मित घनुष का परीक्षण पिछले पांच सालों से चल रहा है। इसमें इस्तेमाल में लाए जा रहे गोले को लेकर बड़ी तकनीकी अड़चन पैदा हो गई थी।

धनुष की मौजूदा किस्म की मारक दूरी 38 किलोमीटर है और इसकी नई किस्म की मारक दूरी बढ़ाकर 42 किलोमीटर तक कर दी गई है।

गौरतलब है कि 1986 में बोफोर्स तोपों का स्वीडन से आयात करने का सौदा हुआ था और बाद में इसमें हुए भारी घोटाले के बाद बोफोर्स कम्पनी से बाकी का करार रद्द कर दिया गया था। आरम्भिक समझौते के तहत चार सौ बोफोर्स तोपों की सीधी सप्लाई स्वीडन से होनी था और इसके बाद स्वीडन के सहयोग से चार सौ तोपों का भारत में निर्माण होना था। लेकिन तब की सरकार पर रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद बाकी का सौदा रद्द कर दिया जिससे भारत में स्वीडन के सहयोग से बोफोर्स तोपों का निर्माण नहीं हो सका। इसके करीब तीन दशक बाद पहली बार भारतीय सेना को 155 मिमी. की होवित्जर तोपों की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। इसके पहले सरकार ने अमेरिका से 155 मिमी. की अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों का आयात करने का सौदा किया है जिसे चीन से लगे उत्तर पूर्वी इलाके में पहाडियों पर तैनात करने की योजना है।

 

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