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…जब सुरक्षा बलों के कुत्तों ने किया रक्तदान, मिला सम्मान

बाम्बे वेटेनरी कॉलेज

मुंबई: अभी तक आपने इंसानों को ही रक्तदान करते देखा व सुना होगा, पर यहाँ कहानी कुछ अलग है। इंसानों की तरह पशु भी रक्तदान करते हैं और दूसरों की जिंदगी बचाते हैं। बीते शुक्रवार को परेल स्थित बाम्बे वेटेनरी कॉलेज में आयोजित ब्लड डोनेशन कैम्प में कुत्तों ने रक्तदान किया। इस शिविर में 12 कुत्तों ने भाग लिया।





ब्लड डोनेट करने से पहले कुत्ते की जांच करते चिकित्सक

इनमें उन्हीं कुत्तों का खून लेने की अनुमति थी जिसका वजन तीस किलो से ऊपर था। ब्लड डोनेशन कैम्प में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े कुत्ते शामिल थे। इन एजेंसियों में आरसीएफ, सीआईएसएफ, बम खोजी दस्ता (बीडीडीएस), एनडीआरएफ, एयरपोर्ट कस्टम्स शामिल थे। कार्यक्रम में तीन कुत्तों को ‘लाइफ टाइम एचीवमेंट’ सम्मान भी दिया गया।

वैसे कुत्तों के लिए अस्पताल तो है ही अब उनके लिए ब्लड बैंक भी उपलब्ध हैं। सबसे पहले चेन्‍नई में 2010 में कुत्तों के लिए पहले ब्लड बैंक ने काम करना शुरू किया था। अब देश के अन्य शहरों में भी ऐसी व्यवस्था होने लगी है। एनसीआर में भी एक ब्लड बैंक खोला गया है।

कुत्तों को ‘लाइफ टाइम एचीवमेंट’ सम्मान देते अधिकारी

तमिलनाडु वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज विश्वविद्यालय (टीएनवीएएसयू) में ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. एस. प्रथाबन बताते हैं कि कुत्तों में कई ऐसी बीमारी होती हैं जिससे उनके शरीर में खून की कमी हो जाती है और वे मर जाते हैं इसको रोकने के लिए ब्लड बैंक खोले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिमाह 20 से 25 कुत्तों को इस ब्लड बैंक से खून दिया जा रहा है। कुत्तों के ब्लड के बारे में डॉ. प्रथाबन बताते हैं, ‘कुत्तों में सीईए नामक ब्लड ग्रुप पाया जाता है जिसमें आठ प्रकार का खून पाया जाता है। कुत्तों में ब्लड ग्रुप सीईए 1 और सीईए 1.1 बहुत महत्वपूर्ण होता है और यह यह कम मिलता है।’

उन्होंने बताया कि, कोई स्वस्थ कुत्ता एक साल में चार से छह बार तक रक्तदान कर सकता है। कुत्तों का खून निकालना और उसे सुरक्षित रखने की तरीका ठीक वैसा ही है जैसा इंसानों के खून का होता है।

इन्ही तीन कुत्तों को ‘लाइफ टाइम एचीवमेंट’ सम्मान मिला

इस ब्लड बैंक ने बचाई 80 से ज्यादा डॉगी की जान

कुत्तों का एक ब्लड बैंक उत्तर प्रदेश के आगरा में है। यहां आपको 19 तरह के अलग-अलग कुत्तों के ब्लड ग्रुप का रक्त मिल जाएगा। इस ब्‍लड बैंक की बदौलत 80 कुत्‍तों की जान बच चुकी है। अधिकतर का ब्‍लड ट्रांसफ्यूजन किया जा चुका है। इंसान की तरह कुत्‍तों में पीलिया, लिवर खराबी या दुर्घटना के दौरान ऐसी नौबत आती है।

कुत्तों को सिर्फ कुत्तों का खून चढ़ाया जा सकता है

कुत्‍तों में सिर्फ कुत्‍तों का ही खून चढ़ाया जा सकता है। किसी अन्‍य जानवर का नहीं। ब्‍लड चढ़ने से पहले ग्रुप में क्रॉस मैचिंग कर देखा जाता है। जांच की जाती है कि कुत्‍ते का शरीर खून को स्‍वीकार कर रहा है या नहीं। किडनी की स्थ्‍िाति भी देखी जाती है। हालांकि, कुत्तों का खून कुछ चुनिंदा जानवर जैसे बिल्ली आदि को चढ़ाया जा सकता है।

कुत्‍तों में कुल 19 तरह के ब्‍लड ग्रुप होते हैं। मुख्‍य तौर पर ए1, ए2, बी, सी, डीएफ, एचई, टीआर आदि ब्‍लड ग्रुप होते हैं। अधिकतर कुत्‍तों में ए1 और ए2 ब्‍लड ग्रुप ज्‍यादा पाया जाता है। देश में कुत्‍तों का सबसे बड़ा ब्‍लड बैंक चेन्‍नई में है। दूसरा बड़ा बैंक मुम्‍बई में है। दिल्‍ली में भी कुत्‍तों के लिए ब्‍लड बैंक की सुविधा नहीं है।

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