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तिब्बत में चीन की बढ़ती चीनी सैन्य ताकत पर धनोआ ने आगाह किया

एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ

नई दिल्ली। चीन के वूहान शहर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिन फिंग के बीच अनौपचारिक बातचीत के साथ ही भारत चीन के सैन्य इरादों को लेकर पूरी तरह चौकस है। भारतीय वायुसेना ने भारत के राजनीतिक नेतृत्व को आगाह किया है कि चीन ने किस तरह तिब्बत में भारत को निशाना बना कर अपने अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का बेड़ा तिब्बत के विभिन्न इलाकों में तैनात किया हुआ है।





वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी. एस. धनोआ ने यहां कहा कि तिब्बत के वायुसैनिक अड्डों पर चीनी लड़ाकू विमानों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। चीन के दूसरे सैन्य इलाकों की तुलना में यह तैनाती असामान्य कही जा सकती है। एयर चीफ मार्शल ने बताया कि चीनी वायुसेना ने तिब्बत के इलाके में सुखोई-27 और जे-10 लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन तैनात कर रखे हैं जो सर्दियों के मौसम सहित वर्ष भर वहां से संचालित किये जा सकते हैं। चीनी वायुसेना की बढ़ती ताकत के मद्देनजर धनोआ ने कहा कि भारतीय वायुसेना के पास कम से कम 42 स्क्वाड्रन विमान होने चाहिये। उल्लेखनीय है कि वायुसेना के पास यह क्षमता घट कर 31 स्क्वाड्रन की रह गई है।

चीनी वायुसेना ने बदली अपनी रणनीति

एयर चीफ मार्शल के मुताबिक विगत में चीनी ल़ड़ाकू विमान केवल गर्मी के मौसम में तैनात रहते थे लेकिन अब बर्फीले मौसम में भी वहां तैनात रहना इस बात का सूचक है कि चीनी वायुसेना ने वहां अपनी रक्षात्मक और हमलावर रणनीति को नये सिरे से लागू करना शुरू किया है। उल्लेखनीय है कि चीन से लगे सीमांत इलाकों जैसे असम के वायुसैनिक अड्डों पर भारत ने अपने सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमानों के कई स्क्वाड्रन तैनात कर लिये हैं जो हर मौसम में चीनी ठिकानों पर हमले कर सकते हैं।

प्रतिदवंद्वी ताकतों के मुकाबले बनानी होगी सैन्य ताकत

यहां विवेकानंद फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक व्याख्यान में एयर चीफ मार्शल ने भारतीय राजनीतिक नेतृत्व को यह भी चेताया कि भारत को अपनी प्रतिदवंद्वी ताकतों के मुकाबले सैन्य ताकत बनानी होगी क्योंकि हमें नहीं पता कि हमारे विरोधियों के इरादे कब बदल जाएं। एय़र चीफ मार्शल ने कहा कि चीनी वायुसेना ने अब अपनी ताकत में भारी इजाफा कर लिया है। पीएलए वायुसेना का आधुनिकीकरण इस तरह किया जा रहा है कि इसका 50 प्रतिशत से अधिक बेड़ा अडवांस्ड मल्टी रोल फाइटर हो। इस बेड़े में हवाई रक्षा और हमलावर विमान शामिल है।

भारतीय वायुसेना की ताकत भी कम नहीं

लेकिन इसके साथ ही धनोआ ने कहा कि भारतीय वायुसेना भी कम ताकत नहीं रखती है। यह किसी भी हमले का तुरंत जवाब देने की क्षमता रखती है और एशियाई जनतांत्रिक देशों में सबसे बड़ी है। धनोआ ने चीनी वायुसेना के एक आला अधिकारी से हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों को यदि हवा में मिलने से बचना है तो उन्हें जमीन पर अधिक मिलना चाहिये।

पाकिस्तानी सेना पर कटाक्ष करते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा कि कई देशों में राज्य के पास सेना होती है लेकिन पाकिस्तान में सेना के पास राज्य है।

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