Air Force

खास रिपोर्ट: 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टेल्थ लड़ाकू विमान एमका का डिजाइन पूरा, टेस्ट माडल के निर्माण का काम जल्द शुरु होगा

अडवांस मीडियम कम्बैट एयरक्राफ्ट
अडवांस मीडियम कम्बैट एयरक्राफ्ट (सौजन्य- गूगल)

नई दिल्ली।  भारतीय वैमानिकी इंजीनियरों द्वारा विकसित किये जा रहे पांचवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक स्टेल्थ लड़ाकू विमान अडवांस मीडियम कम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए-एमका) का डिजाइन पूरा कर लिया गया है औऱ अब इसके दो टेस्ट मॉडल बनाने के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





इस टेस्ट मॉडल का नाम नेक्स्ट जेनरेशन टेकनालाजी डेमांस्ट्रेटर(एनजीटीडी) यानी अगली पीढ़ी का तकनीक प्रदर्शक विमान दिया गया है। इस विमान का डिजाइन करने वाली एरोनाटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (आडा) ने गत फरवरी में कम्पनियों से प्रस्ताव यानी एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट (ईओआई) मांगे थे जिसके जवाब में कई सार्वजनिक और प्राइवेट कम्पनियों ने अपने प्रस्ताव भेजे हैं।

19 से 20 टन वजन क्षमता वाले इस विमान को पांचवीं पीढी के अमेरिकी एफ-35 लाइटनिंग ल़ड़ाकू विमान के समकक्ष बताया जा रहा है। यह विमान दो डैनों और दो इंजनों वाला होगा जिसका पूंछ वाला हिस्सा क्षैतिज होगा औऱ इसमें हवा खींचने के लिये सर्पीली एयर इनटेक प्रणाली लगी होगी। विमान का पूरा बाहरी सतह कार्बन फाइबर कम्पोजिट मेटीरियल का होगा जिससे यह विमान दुश्मन के रेडार की निगाह से पूरी तरह बच सकेगा। इसका रणनीतिक लाभ यह मिलेगा कि जब यह विमान दुश्मन के आसमानी इलाके पर उड़ान भर रहा होगा तो दुश्मन की विमानभेदी मिसाइलें इसे अपना निशाना नहीं बना सकेंगी।

एमका के दो टेस्ट मॉडल बनाने के लिये अब तक जो प्रस्ताव मिले हैं उससे यह पक्का माना जा रहा है कि इसका आर्डर हिंदुस्तान एऱोनाटिक्स लि. को दिया जाएगा। एरोनाटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के प्रोग्राम डायरेक्टर गिरीश देवधर ने पुष्टि की है कि गत फरवरी में जो एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट जारी किया गया था उसके जवाब में सार्वजनिक क्षेत्र की हिदुंस्तान एऱोनाटिक्स के अलावा प्राइवेट सेक्टर की कई कम्पनियों ने अपने प्रस्ताव भेजे हैं। लेकिन एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट में जो शर्तें बताई गई थीं उसे हिंदुस्तान एऱोनाटिक्स ही पूरा कर रही है इसलिये यह उम्मीद की जा रही है कि HAL को दो टेस्ट मॉडल बनाने को कहा जाएगा।

एमका की डिजाइन एजेंसी आडा चुनी हुई कम्पनी को डिजाइन सौंपेगी जो टेस्ट मॉडल बनाने के लिये जरूरी ढांचागत निर्माण खड़ी करेगी। उम्मीद की जा रही है कि टेस्ट मॉडल बनाने में कामयाबी मिलने के बाद इसी कम्पनी को विमान बनाने का ठेका मिलेगा।

टेस्ट मॉडल बनाने वाली चुनी हुई कम्पनी से कहा जाएगा कि एनजीटीडी-1 यानी पहले टेस्ट मॉडल की अंतिम असेम्बली का काम साढ़े तीन साल के भीतर पूरा करे और एनजीटीडी-2 का काम चार साल के भीतर पूरा करे। इस कम्पनी से यह भी कहा जाएगा कि छह साल के भीतर टेस्ट मॉडल का जरूरी परीक्षण पूरा कर ले।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत अप्रैल माह में संसद में एक लिखित जवाब में कहा था कि इस वैमानिकी प्रोग्राम की स्टडी पूरी कर ली गई है। भारतीय वायुसेना ने आडा से कहा है कि पूर्ण इंजीनियरी स्केल पर काम शुरू करने से पहले एमका टेकनालाजी डेमांस्ट्रेटर फेज पर काम शुरू करे।

उल्लेखनीय है कि एमका का डिजाइन करने वाली आडा ने लाइट कम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस का सफलतापूर्वक विकास किया है जिसे वायुसेना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तेजस के विकास के दौरान जो तकनीकी अनुभव हासिल हुए उनकी बदौलत आडा को भरोसा है कि एक दशक बाद इसका उत्पादन देश में शुरू किया जा सकेगा औऱ वायुसेना को देश में ही विकसित एक अत्याधुनिक और पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान मिल सकेगा।

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