DEFENCE

Special Report: रक्षा मंत्री सीतारमण की मैटिस से हुई रक्षा सहयोग पर गहन चर्चा

अमेरिकी रक्षा मंत्री मैटिस और निर्मला सीतारमण
अमेरिकी रक्षा मंत्री मैटिस और निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली।  वाशिंगटन में भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के बीच आपसी रक्षा सम्बन्धों से जुड़े विभिन्न मसलों पर गहन वार्ता हुई है। सीतारमण  अमेरिकी रक्षा मंत्री के निमंत्रण पर छह दिनों के दौरे पर दो दिसम्बर को वाशिगंटन पहुंचीं थीं।





अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन पहुंचने पर सीतारमण का जेम्स मैटिस ने स्वागत किया और बाद में उनके सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया।  पेंटागन में अमेरिकी सशस्त्र सेनाओं के एनहांस्ड आनर्स कार्डन द्वारा  ऊनका स्वागत किया गया।

निर्मला औऱ  मैटिस की मुलाकात में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग पर चर्चा की गई। गौरतलब है कि सीतारमण के वाशिंगटन रवाना होने के पहले ही भारतीय नौसेना के लिये 24 मल्टी रोल हेलीकाप्टर खरीदने की मंजूरी केन्द्र सरकार ने दी है। दोनों देशों के बीच  पिछले एक दशक के दौरान 15 अरब डालर से भी अधिक के रक्षा साज सामान का सौदा हुआ है।  यहां रक्षा  प्रवक्ता ने कहा कि दोनों रक्षा मंत्रियों की वार्ता में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर विचारों का आदान प्रदान हुआ। इस दौरान खासकर पाकिस्तान औऱ अफगानिस्तान के ताजा हालात पर भी चर्चा की गई।

दोनों रक्षा मंत्रियों ने कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी में रक्षा सहयोग एक स्तम्भ की तरह है। गौरतलब है कि दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच गत सितम्बर माह में ही टू प्लस टू वार्ता हुई है। इस वार्ता में हुई सहमति के आधार पर दोनों देश आपसी रक्षा सहयोग को और गहरा बनाएंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री सीतारमण ने अमेरिकी रक्षा मंत्री को बताया कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत में क्या कदम उठाए गए हैं।

रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस से मुलाकात के पहले निर्मला सीतारमण अमेरिकी विदेश विभाग गईं जहां उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जार्ज एच डब्ल्यू बुश की शोक पुस्तिका पर दस्तखत किये। बाद में उन्होंने अज्ञात शहीद सैनिकों की कब्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।

 पांच से सात दिसम्बर तक रक्षा मंत्री सीतारमण होनोलुलु जाएंगी जहां अमेरिकी प्रशांत कमांड ( PACOM)  है। हाल में इस कमांड का नाम बदलकर हिंद प्रशांत कमांड ( INDO-PACOM)  रखा गया है। होनोलुलु में वह अमेरिकी हिंद प्रशांत कमांड के कमांडर एडमिरल फिलिप डेविडसन से आपसी सैन्य सहयोग के मसलों पर बात करेंगी। वह ज्वाइंट बेस पर्ल  हार्बर हिकम भी जाएंगी। वहां वह अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर भी देखने जाएंगी। इस पोत पर उन्हें हिंद प्रशांत कमांड की गतिविधियों के बारे में जानकारी  दी जाएगी।

वाशिंगटन में वह अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के डिफेंस इनोवेशन यूनिट का भी दौरा करेंगी जहां वह स्टार्ट अप और  वेंचर कपिटलिस्ट्स से भी मिलेंगी।

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