DEFENCE

‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ पर फैसला ले सकती है सरकार

सेना-प्रमुख

नई दिल्ली। तीनों सेनाओं में तालमेल और सरकार को सैन्य मसलों पर सिंगल प्वाइंट सलाह के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति की मांग काफी समय से होती रही है। इस बीच रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सरकार को पता है कि सेनाओं से जुड़े मुद्दे को लंबे समय के लिए नहीं टाला जा सकता है, यानि सरकार जल्द ही इस पर फैसले वाला रुख अपना सकती है। भारत की बाहरी सुरक्षा चुनौतियों, क्षेत्रीय शक्ति के विकास के साथ-साथ आतंकवाद का खतरों को देखते हुए रक्षा मंत्री अरुण जेटली, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और तीनों सेवा प्रमुखों ने सोमवार को एक बैठक में भाग लेते हुए विचार-विमर्श किया।





नए साजोसामान की खरीदारी होगी प्राथमिकता

जेटली ने कहा कि सेनाएं जिस तरह से काम कर रही हैं, उससे देश के हर नागरिक और सरकार के अंदर सेना के प्रति प्रशंसा का भाव है। सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों को सशस्त्र बल जिस तरह से निपट रहे हैं, उससे रक्षा मंत्री ने संतोष जताया। कॉन्फ्रेंस के दौरान बातचीत में भी मजबूत तालमेल की जेटली ने सराहना की। जेटली ने सेनाओं के साथ कहा कि भारतीय इकॉनमी में बेहतरी के साथ ही संसाधन बढ़ रहे हैं। नए साजोसामान की खरीदारी हमारी प्राथमिकता होगी।

‘करगिल’ के बाद महसूस की गई जरूरत

करगिल युद्ध के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति की सख्त जरूरत महसूस की गई, लेकिन इस पर तीनों सेनाओं के अलग-अलग विचार रहे हैं। जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में देहरादून में हुए कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में भी इस पर चर्चा की गई थी। इस साल अप्रैल में तीनों सेनाओं की संयुक्तता के लिए नए तरीके से मूलभूत सिद्धांत जारी किए गए थे।

मजबूत होगा सुरक्षा तंत्र

माना जा रहा है कि तीनों सेनाओं की संयुक्तता से सुरक्षा क्षमता बढ़ेगी, संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल होगा और धन की बचत हो सकेगी। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने राजधानी दिल्ली में सोमवार को राजधानी में यूनिफाइड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इसमें तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, रक्षा राज्य मंत्री, सैन्य बलों और रक्षा मंत्रालय के बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे थे। इस सम्मेलन में तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता के मुद्दे पर चर्चा का मौका मिलता है। इस बार भी ऑपरेशनल तालमेल और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

भारत-चीन सीमा पर वर्तमान स्टैंड-ऑफ पर चर्चा हुई या नहीं, इस पर अधिकारियों ने कोई जानकारी नहीं दी है, इस बैठक में राज्य सुरक्षा मंत्री सुभाष भामरे, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, सेना प्रमुख बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख बी.एस. धनोआ, नौसेना प्रमुख सुनील लांबा, रक्षा सचिव संजय मित्रा, इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ और अन्य वरिष्ठ कमांडरों तथा रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

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