DEFENCE

अमेरिका ने चीन की मिलिट्री एजेंसी पर लगाया प्रतिबंध, चीन ने जताई नाराजगी

वाशिंगटन। अमेरिका ने चीन की एक military agency और उसके चीफ पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध रूस से रक्षा उपकरण खरीदने के आरोप में लगाया गया है। इस बीच चीन ने प्रतिबंधों पर नाराजगी जताते हुए इसे हटाने की मांग की है। अमेरिका का आरोप है कि चीन की military agency ने अमेरिका के कानून का उल्लंघन किया है। अमेरिका का आरोप है कि चीनी military agency ने अमेरिकी कानून का उल्लंघन कर रूस से डील की। अमेरिका के गृह विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक चीन ने वर्ष 2017 में रूस से एसयू-35 लड़ाकू विमान और इस वर्ष जमीन से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइलों का सौदा किया। इस सौदे की वजह से ही चीन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस प्रतिबंध का सीधा सा अर्थ है कि अब चीन की एजेंसी अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में निर्यात लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर पायेगी और फॉरेन एक्सचेंज ट्राजेक्शन में भी हिस्सा नहीं ले पायेगी।





अमेरिका के गृह मंत्रालय का कहना है कि चीन की मिलिट्री एजेंसी Equipment Development Department (EDD) औऱ उसके निदेशक Li Shangfu ने रूस की हथियार निर्यातक कंपनी Rosoboronexport से अहम डील की है। चीन की मिलिट्री एजेंसी EDD पर डिफेंस टेक्नॉलजी की देखरेख का जिम्मा है।

अमेरिका ने पिछले वर्ष यानी 2017 में CAATSA (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act) लागू किया था। इस कानून में रूस से रक्षा उपकरणों की खरीदारी को प्रतिबंधित किया गया है। उससे किसी तरह की डील करने वालों पर अमेरिका कानून के प्रावधान के मुताबिक कार्रवाई कर सकता है।

 

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