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पूर्व ISI चीफ दुर्रानी के इस खुलासे से पाकिस्तान में मचा है हंगामा

जनरल असद दुर्रानी

नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भारत की भूमिका को हम हमेशा बढ़ाकर पेश करते रहे हैं। वहां तो अमेरिकी लोग अधिक सक्रिय हैं। वहां तो इनके अलावा चीनी, ईरानी, इजराइली और रूसी लोग भी हैं।





पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के पूर्व प्रमुख जनरल असद दुर्रानी ने यह अहम राय जाहिर कर भारत के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा लगाए जा रहे इन आरोपों को गलत बताया है कि बलूचिस्तान में भारत अलगावादी आन्दोलन को भड़काने के लिये आतंकवादी विस्फोट करवा रहा है।

असद दुर्रानी ने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत और वरिष्ठ पत्रकार आदित्य सिन्हा के साथ लिखी साझा पुस्तक – The Spy Chronicles: RAW, ISI and the Illusion of Peace में कहा है कि बलूचिस्तान में अस्थिरता फैलाने में अमेरिका की अधिक रुचि है।विभिन्न जरूरतों के लिये यह इलाका अहमियत रखता है। दुर्रानी ने कहा कि यह इलाका मध्य एशिया में खेले जा रहे न्यू ग्रेट गेम के नजरिये से काफी अहम है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की जेल में मौत की सजा पाये कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव के खिलाफ यही आरोप लगाया है कि वह बलूचिस्तान में कई आतंकवादी विस्फोटों के लिये जिम्मेदार था और वह भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिये काम कर रहा था।

जनरल दुर्रानी ने इस पुस्तक में जाधव के बारे में अपना आकलन देते हुए एएस दुलत की इस राय से हामी भरी की जाधव को ईऱान से अगवा किया गया होगा। दुर्रानी ने माना कि जब पाकिस्तान ने जाधव के बारे में खुलासा किया तो इसके पीछे योजना यही थी कि पठानकोट में पाकिस्तान की ओऱ से हुए हमले को लेकर भारत के इन आरोपों का जवाब दिया जाए कि पठानकोट हमले के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ है। जाधव को बंदी बना कर पाकिस्तान यही कहना चाहता था कि बलूचिस्तान में तो आप भी वही कुछ कर रहे हैं।

दुर्रानी के साथ जाधव के बारे में बातचीत के दौरान दुलत ने जब कहा कि जासूस तो पकड़े जाते हैं लेकिन जाधव के मामले में ऐसा नहीं हुआ होगा। हम लोगों का यह मानना रहा है कि जाधव को अगवा किया गया होगा और उन्हें पाकिस्तान लाया गया। इसके जवाब में जनरल दुर्रानी ने हामी भरी।

दुर्रानी ने कहा कि हमें (पाकिस्तान) यह मसला ईरानी राष्ट्रपति के साथ नहीं उठाना चाहिये था जब वह पाकिस्तान के दौरे पर आदरणीय मेहमान के तौर पर थे। यह शर्मिंदा करने वाली बात थी कि यह गलती पाकिस्तान के सेना प्रमुख की ओऱ से हुई।

उल्लेखनीय है कि इन्हीं अहम खुलासों की वजह से पाकिस्तान की सेना के लिये शर्मिंदगी पैदा हुई है और इसके लिये सेना जनरल दुर्रानी से इतना नाराज हो गई है कि उसने जनरल दुर्रानी के विदेश जाने पर भी पाबंदी लगाते हुए उन्हें नो फ्लाई लिस्ट में शामिल कर दिया है।

गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव को दो साल पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने ईरान से अगवा कर बलूचिस्तान पहुंचाया और दुनिया को यह बताया कि जाधव को बलूचिस्तान में जासूसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया। बाद में पाकिस्तान की सेना की अदालत ने जाधव को मौत की सजा सुनाई जिसके खिलाफ भारत ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत में अपील की है। इस अदालत ने पाकिस्तान को निर्देश दिया है कि वह जाधव के खिलाफ मौत की सजा को लागू नहीं करे।

 

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