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ऐतिहासिक युद्धों की विजयगाथा से रूबरू कराते देश के ये 5 ‘वार मेमोरियल म्यूजियम’

इतिहास का जिक्र हो और लड़ाइयों का जिक्र न हो ऐसा संभव नहीं है। इतिहास के बारे में पढ़ना रुचिकर लगता है लेकिन उससे भी ज्यादा रोचक लगता है इतिहास में लड़े गए युद्दों के बारे में जानना। किस तरह  खूनी लड़ाईयां लड़ी गईं ? किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया ? कैसे सैनिकों ने अपना बचाव किया और कौन ज्यादा शक्तिशाली था? ये सब हमारे लिए जानना और भी आसान हो जाता है जब हम किसी वार म्यूजियम (युद्ध संग्रहालय) में जाते हैं। जहां व्यावहारिक रूप से इन पहलुओं के बारे में जानना उन्हें एक झलक जस का तस देख लेना अनूठा अनुभव देता है। युद्ध से जुड़े भारत के ऐसे ही कुछ संग्रहालयों के बारे में आज हम आपको बता रहे हैं :





इंडियन वार मेमोरियल म्यूजियम

भारतीय युद्ध मेमोरियल संग्रहालय दिल्ली के लाल किले के अन्दर मौजूद ‘नौबत खाना’ में स्थित है। इसमें प्रदर्शित मुख्य वस्तुओं में सन 1526 में लड़ी गई पानीपत की लड़ाई की एक चित्रावली है जिसमें दर्शाया गया है कि किस तरह बाबर ने इब्राहम लोदी की सेना को हराकर मुग़ल साम्राज्य की स्थापना की थी इसके अलावा यहां रखे सामानों में कटार, कवच आदि भी शामिल हैं

यहां विभिन्न प्रकार के बैज, रिबन, और तुर्की तथा न्यूजीलैंड के सैन्य अधिकारियों की वर्दी  और झंडे भी रखे गए हैं। एक प्रसिद्ध सैनिक व सेना के इदार(गुजरात) के महाराजा प्रताप सिंह की पोशाक को भी प्रदर्शित किया गया है।  जिसमें कुर्ता, बेल्ट, ट्राउजर, जरी की कढ़ाई वाली पगड़ी, जूते और म्यान के साथ तलवार शामिल हैं।

केवेलरी टैंक म्यूजियम

केवेलरी टैंक संग्रहालय, आर्मर्ड कोर्प्स सेंटर एंड स्कूल द्वारा महाराष्ट्र के अहमदनगर में फरवरी 1994 को स्थापित किया गया था। यह एशिया में अपनी तरह का एकमात्र संग्रहालय है। यहां विंटेज और आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल्स की 50 डिस्प्ले मौजूद हैं।

यहां सबसे ज्यादा पुरानी डिस्प्ले में सिल्वर घोस्ट रोल-रोयसे आर्मर्ड कार है। ब्रिटिश वेलेंटाइन टैंक, विजयंत टैंक, मटिल्डा टैंक, टाइप-95 टैंक शामिल हैं। यहां सन 1965 की भारत-पाकिस्तान युद्ध के अमेरिका निर्मित एम्-47 टैंक, चाफ़ी, वाकर बुल्डोग टैंक भी प्रदर्शन के लिए रखे हैं।

इंडियन एयरफोर्स म्यूजियम

इंडियन एयरफोर्स म्यूजियम दिल्ली के पालम एयर फोर्स स्टेशन में स्थित है। गोवा के नेवल एविएशन म्यूजियम बनने तक यह अपनी तरह का पहला संग्रहालय था। संग्रहालय के प्रवेश द्वार में एक इनडोर डिस्प्ले गैलरी है।

प्रथम विश्व युद्ध तथा करगिल वार के दौरान भारतीय वायुसेना के योगदान की एक झलक देख सकते हैं जिसमें  भारतीय वायु सेना की ऐतिहासिक तस्वीरों, यादगार वस्तुओं, वर्दी और व्यक्तिगत हथियारों को शामिल किया गया है। आउटडोर गैलेरी में वार ट्रोफी और दुश्मन से जीते हुए व्हीकल्स प्रदर्शन के लिए रखे गए हैं।

नेवल एविएशन म्यूजियम

नेवल एविएशन म्यूजियम एक मिलट्री म्यूजियम है जो गोवा वास्को डी गामा से 6 किलोमीटर दूर  बोग्मालो में स्थित है। इसकी स्थापना 12 अक्टूबर 1998 को हुई थी। इसे दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। भारतीय नौसेना की विकास गाथा को यहां बड़े तरीके से बताया गया है।

संग्रहालय को दो मुख्य भागों, एक बाहरी और दूसरा भीतरी गैलरी में बांटा गया है। नौसेना विमानन संग्रहालय पूरे एशिया महाद्वीप में अपनी तरह का एकमात्र संग्रहालय है।

जैसलमेर वार मेमोरियल

यह युद्ध संग्रहालय जैसलमेर से कुछ ही पहले जैसलमेर-जोधपुर राजमार्ग पर स्थित है। सन 1965 युद्ध के स्वर्ण जयंती 24 अगस्त वर्ष 2015 को इस युद्ध संग्रहालय का उद्घाटन सन 1965 की जंग के बहादुर तथा वीर योद्धाओं को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे देश को समर्पित किया गया था। इसे आम तौर पर जेडब्ल्यूएम् कहा जाता है।

 

यहां 1965 से 1971 के युद्ध के कई टैंक, जीप, बंदूकें आदिप्रदर्शित की गईं हैं। म्यूजियम में दो बड़े हॉल हैं- ‘इंडियन आर्मी हॉल’ तथा दूसरा ‘लोंगेवाला हॉल’ है। यह वार म्यजियम जैसलमेर आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के लिए एक नया पर्यटन स्थल बन गया है। यहां प्रतिदिन 1500 से 2000 सैलानी आते हैं।

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