DEFENCE

5 घातक मिसाइलें, सिर्फ नाम से ही डर जाए दुश्मन

किसी भी देश का सुरक्षा तंत्र उसे बाहरी खतरों से सुरक्षा की गारंटी देता है। इस सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने में सेना के साथ ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं अत्याधुनिक हथियार। और इनमें सबसे ज्यादा प्रभावी होती हैं मिसाइलें। दुनिया के कई देशों के पास अत्याधुनिक मिसाइलें मौजूद हैं जिनमें से भारत भी एक है। आइये जानते हैं भारत की कुछ घातक मिसाइलों के बारे में :





‘ब्रह्मोस’ 

एक शोर्ट रेंज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसे सबमरीन (पनडुब्बी), शिप (युद्धपोत) और एयरक्राफ्ट (विमान) अथवा जमीन से भी लांच किया जा सकता है। नवंबर 2006 से यह भारतीय नौसेना, वायुसेना और थलसेना में शामिल है। इसका वजन 2,500 किलोग्राम से 3,000 किलोग्राम तक है। लंबाई 8.4 मीटर और 0.6 मीटर व्यास। ऑपरेशनल रेंज 450 किलोमीटर (600 किमी तक बढ़ाई जा सकती है) गति 3,400 से 3,700 किमी प्रति घंटा। यह हवा में ही मार्ग बदल सकती है और चलते फिरते लक्ष्य को भी भेद सकती है। यह 10 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है और रडार को चकमा देने में सक्षम है।

‘आकाश’ 

 

आकाश मिसाइल भारत द्वारा स्वदेशी निर्मित, माध्यम दूर की सतह से हवा में मार करने वाली प्रक्षेपास्त्र प्रणाली की मिसाइल है। इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित किया गया है। इसका वज़न 720 किलोग्राम, व्यास 35 सेमी व लम्बाई 5.78 मीटर की है। ऑपरेशनल रेंज 30 किलोमीटर। यह ग्राउंड ट्रैक व पहिए वाले दोनों प्लेटफार्मों से फायर की जा सकती है। मिसाइल की डवलपमेंट कोस्ट तकरीबन 1,000 करोड़ रुपये है।

 ‘नाग’ 

नाग मिसाइल एक तीसरी पीढ़ी ‘फायर एंड फॉरगेट’, ‘एंटी टैंक इंट्रीग्रेटेड गाइडेड’ स्वदेशी निर्मित टैंक भेदी मिसाइल है। यह उन पांच  मिसाइल (प्रक्षेपास्त्र) प्रणालियों में से एक है जो भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा  निर्देशित ‘मिसाइल विकास कार्यक्रम’ के तहत विकसित की गई हैं। इस मिसाइल का विकास 300 करोड़ रुपये (43.8 मिलियन यूएस डॉलर) की लागत से किया गया है। इसका वजन 42 किलोग्राम, लंबाई 1.90 मीटर 1.90 मीटर व्यास। गति 230 मीटर प्रति सेकेंड तथा रेंज 500 मीटर से 4 किलोमीटर है।

‘पृथ्वी’ 

पृथ्वी प्रक्षेपास्त्र भारत द्वारा स्वदेशीय निर्मित, सतह से सतह पर मार करने में सक्षम और 350 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली मिसाइल है। 1994 से भारतीय थल जल व वायुसेना में शामिल है। इसके अब तक तीन संस्करण आ चुके हैं। सबसे लेटेस्ट वर्जन पृथ्वी-3 को नेवी के लिए बनाया गया है। इसका वजन 4,400 किलो है। लंबाई 8.56 मीटर तथा व्यास 100 सेंटीमीटर है। इसकी गति 350 से 600 किमी प्रति घंटा है। यह दो इंजनों से संचालित होती है। यह अपने लक्ष्य को सटीकता से निशाना बनाने के लिए अत्याधुनिक प्रणाली का इस्तेमाल करती है।

 ‘अग्नि’ 

अग्नि मिसाइल, मध्यम से अंतरमहाद्विपीय दूरी तक मार करने में सक्षम मिसाइल ग्रुप है। जो भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित की गईं हैं। अग्नि-1 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, अग्नि-2, अग्नि-3 व अग्नि-4 मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। अग्नि-5 अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल है। मारक क्षमता की बात करें तो 700-1,250 किलोमीटर (अग्नि-1), 2,000-3,500 किलोमीटर (अग्नि-2), 3,500-5,500 किलोमीटर (अग्नि-3), 5,000 किलोमीटर से 8,000 किलोमीटर (अग्नि-5) है। इनकी यूनिट कोस्ट 3.9 मिलियन यूएस डॉलर से  5.11 मिलियन यूएस डॉलर के बीच है।

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