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हद कर दी ‘आप’ ने! ‘शहीद कोष’ में ये हैं सरकार के भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और नेहरू

नई दिल्ली: दिल्ली की ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) की सरकार ने क्रांतिकारियों की पहचान ही बदल डाली है। …और हद तो यह हो गई कि कम लोकप्रिय या अनजान क्रांतिकारियों की बात तो अलग ‘आप’ की सरकार के ब्लंडर की चपेट ने महान क्रांतिकारी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से लेकर पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद और प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू तक को ले लिया।





‘गुमनाम शहीदों’ को पहचान दिलाने के लिए ‘आप’ सरकार ने ‘शहीद कोष‘ वेबसाइट लांच की थी। वेबसाइट का मकसद था ऐसे शहीदों, क्रांतिकारियों और स्वतन्त्रता सेनानियों के बारे में जानकारी सबके सामने लाना जिनके बारे में लोग बहुत ज्यादा नहीं जानते। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली सरकार उन शहीदों को भी नहीं पहचान रही है जिन्हें बच्चा-बच्चा जानता-पहचानता है। जैसे कि शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव, रानी लक्ष्मी बाई आदि। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार सुभाष चंद्र बोस, डॉक्टर भी राव अम्बेडकर, जवाहर लाल नेहरू को भी नहीं पहचानती। इन सभी के नाम वेबसाइट पर हैं लेकिन इनकी तस्वीर की जगह किसी दूसरे की तस्वीर लगाई गई है। यानि जिसका नाम है उसकी तस्वीर नहीं है और जिसकी तस्वीर है उसका नाम नहीं है। यह स्थिति शुक्रवार (05/05/2017) को 5:30 बजे तक थी।

शहीद कोष नाम की वेबसाइट दिल्ली सरकार ने शुरू की है

दिल्ली सरकार की ‘गुमनाम शहीदों’ के लिए बनाई गई वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें

दिल्ली सरकार ने लाला लाजपत राय की जगह सरोजनी नायडू की तस्वीर लगा दी है। बाल गंगाधर की जगह स्वामी विवेकानंद की तस्वीर, अरविंद घोष की जगह चंद्रशेखर आजाद की तस्वीर, शहीद भगत सिंह की जगह विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीर और सुखदेव की जगह रास बिहारी बोस की तस्वीर लगा दी है।

इसी तरह रानी लक्ष्मी बाई की जगह किसी और की तस्वीर लगी है, रानी लक्ष्मी बाई की तस्वीर में किसी और का नाम है। वहीं, तात्या टोपे की जगह वीरेंद्र नाथ चटोपाध्याय की तस्वीर, राजेंद्र प्रसाद की जगह पंडित जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर लगी है। सरदार अजीत सिंह की जगह बाल गंगाधर की तस्वीर लगी है।

आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि तात्या टोपे, प्रफुल्ल चाकी, अमर सिंह, मोतीलाल नेहरू, सूर्य सेन की जगहों पर किसी अन्य क्रांतिकारी/शहीद की फोटो लगाई गई है।

ऊपर की तस्वीरों में आप देख सकते हैं राजेंद्र प्रसाद की जगह जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर लगी है और भाई परमानंद की जगह डॉ. भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर लगी है। वहीं जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, भीमराव अम्बेडकर, राजा महेंद्र प्रताप, रानी अवंतीबाई, मास्टर अमीरचंद की जगह दूसरे क्रांतिकारियों/शहीदों की फोटो लगाई गई है।

कुछ ऐसा ही हाल यहां पर भी है। यहां विनोबा भावे की जगह सरदार वल्लभभाई पटेल की फोटो लगी है। वहीं बेगम हजरत महल, वासुदेव बलवंत गोगटे, हेमू कालाणी, गोपाल कृष्ण गोखले की जगह दूसरे क्रांतिकारियों/शहीदों की तस्वीरें लगी है।

ऊपर वाली तस्वीर में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर बाल गंगाधर की जगह लगी है। इसी तरह जहां उनका तस्वीर होनी चाहिए वहां किसी अन्य की तस्वीर लगी है। लाला लाजपत राय की जगह सरोजिनी नायडू की तस्वीर लगाई गई है। वहीं मदन लाल धींगरा की जगह बाल गंगाधल तिलक की तस्वीर लगी है।

इस तस्वीर में तो हद ही कर दी गई है। यहां चंद्रशेखर आजाद सरदार अजीत सिंह, उधम सिंह, शहीद भगत सिंह, बाल गंगाधर तिलक, ठाकुर रोशन सिंह, नाना साहब पेशवा की जगह अन्य क्रांतिकारियों/शहीदों की तस्वीर लगाई गई है।

दिल्ली सरकार मंगल पांडे, सुभाषचंद्र बोस और सुखदेव को भी नहीं पहचानती। देखिए, इनकी जगह किसकी तस्वीरें लगाई गई हैं। शहीद कोष की वेबसाइट पर जाने पर आपको ‘… जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुरबानी’ गाने की धुन भी सुनाई देती है।

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