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लड़ाकू पायलटों को ट्रेनिंग के लिए बनाए जा रहे विमान को मिली कामयाबी

ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट

नई दिल्ली। लड़ाकू पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिये हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लि. (HAL) द्वारा विकसित किये जा रहे इंटरमीडियट जेट ट्रेनर विमान के डिजाइन को अंतिम रूप देने में अहम कामयाबी मिली है। यह विमान लड़ाकू पायलटों के स्टेज-2 प्रशिक्षण के लिये विकसित किया जा रहा है। इस सफलता के बाद HAL ने संशोधित आईजेटी का दोबारा उड़ान परीक्षण शुरू किया है।





साल 2016 में आईजेटी विमान की उड़ान के दौरान स्पिन टेस्ट फ्लाइट के दौरान कुछ तकनीकी समस्या पैदा हो गई थी। इसलिये हैल के इंजीनियरों ने इसके डिजाइन में संशोधन किये और अब संशोधित आईजेटी (मोडीफायड आईजेटी) विमान की उड़ान के दौरान वांछित परिणाम मिले हैं।

HAL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आर. माधवन के मुताबिक हैल ने आईजेटी (एचजेटी- 36) के विकास के लिये शोध एवं विकास के प्रयास जारी रखे और इसके डिजाइन में जरूरी संशोधन किये। इसके बाद हैल के बैंगलुरु हवाई अड्डे से दोबारा परीक्षण के बाद अहम नतीजे मिले। इसे इंटरमीडिएट जेट प्रोग्राम में महत्वपूर्ण बढ़त बतायी जा रही है।

ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू पायलटों को किरण ट्रेनर विमान पर प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। लेकिन अब स्विटजरलैंड से आयातित पिलेटस विमानों पर ट्रेनिंग देने का कार्यक्रम पिछले एक दशक से चल रहा है। लड़ाकू पायलटों को स्वदेशी ट्रेनर विमानों पर ही ट्रेनिंग देने के लिये HAL का इंटरमीडियट जेट ट्रेनर प्रोग्राम पिछले दो दशकों से चल रहा है। लेकिन अब HAL को भरोसा है कि लड़ाकू पायलटों को स्टेज- 2 की ट्रेनिंग आईजेटी पर दी जा सकेगी और आयातित विमानें पर निर्भरता कम की जा सकेगी।

HAL के चेयरमैन के मुताबिक आईजेटी के एलएस पी- 4 विमान की व्यापक विंड टनेल स्टडी के बाद परीक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि HAL की डिजाइन, शोध और तकनीकी टीम ने आईजेटी में जरूरी संशोधन किये हालांकि इसमें और भी चुनौतियों से निबटना है।

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