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बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-II का सफल परीक्षण

नई दिल्ली: बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-II का गुरुवार सुबह ओडिशा में धमारा के एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से सफल परीक्षण किया गया। परीक्षण 10:22 बजे किया गया। एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड को पहले व्हीलर्स आइलैंड के नाम से जाना जाता था।





अग्नि-II बैलेस्टिक मिसाइल की लंबाई 20 मीटर है और इसमें दो सॉलिड फ्यूल स्टेज लगे हैं। इसका लांच वजन 17 टन है और इसकी मारक क्षमता 2000 किलोमीटर से अधिक है। यह 1,000 किग्रा का पेलोड ले जाने में सक्षम है। यानि, इसकी जद में पूरा पाकिस्तान होगा।

अग्नि मिसाइल सीरीज को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इस श्रेणी की मिसाइल सबसे पहले 2007 में भारतीय सेना के पास थी। अब भारत इस मिसाइल के कई अन्य विकसित मॉडल तैयार कर चुका है।

अग्नि 2 मिसाइल मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) श्रेणी की है। इस मिसाइल की री एंट्री व्हीकल (RV) में दो सॉलिड फ्यूल स्टेज और एक पोस्ट बूस्ट व्हीकल लगा होता है। री एंट्री व्हीकल (RV) कार्बन-कार्बन कम्पोजिट मैटेरियल से बना हुआ है जो री एंट्री व्हीकल (RV) उच्च ताप को संभालने में सक्षम होता है।

बता दें कि 2014 में अग्नि-2 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (आईआरबीएम) का परीक्षण किया गया था। रक्षा सेवाओं में पहले ही इसे शामिल किया जा चुका है। यह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा उपलब्ध करवाए गए साजो-सामान के साथ किए जाने वाले प्रशिक्षण अभ्यास का हिस्सा है।

इसी तरह नवंबर 2016 में ओडिशा तट से ही अग्नि 1 का सफल परीक्षण किया गया था। यह 700 किमी तक मार कर सकती है। इस परीक्षण को ओडिशा के तट पर स्थित परीक्षण रेंज से अंजाम दिया गया।

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