DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: अंतरिक्ष वैमानिकी उद्योग के कारीगर देश में ही होंगे तैयार

राफेल विमान बैंगलुरु में हुआ लैंड
फाइल फोटो

नई दिल्ली। राफेल लड़ाकू विमान बनाने वाली फ्रांस की दासो एविएशन कम्पनी ने अंतरिक्ष वैमानिकी उद्योग में काम आने वाले कुशल तकनीशियनों औऱ कारीगरों को प्रशिक्षित करने के लिये एक बड़ी पहल की है। तेजी से विस्तार लेते अंतरिक्ष वैमानिकी उद्योग के लिये इन तकनीशियनों की भारी कमी देश में महसूस की जा रही है।





रक्षा साज सामान के देशी उत्पादन को बढावा देने के लिये दो राज्यों में बनाए जा रहे डिफेंस कोरिडोर में लगने वाले उद्योगों को इस पहल से प्रशिक्षित तकनीशियनों की सप्लाई हो सकेगी। इसके लिये दासो एविएशन ने दासो स्किल अकादमी की स्थापना की है। दासो एविएशन ने कहा है कि इसस भारत की स्किल इंडिया पहल को समर्थन मिलेगा।

दासो एविएशन ने कौशल विकास मंत्रालय के साथ इस आशय का एक समझौता किया है। संयुक्त राष्ट्र युवा कौशल दिवस के मौके पर दासो एविएशन ने  एक नया वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया।  एरोनाटिकल स्ट्रक्चर एंड इक्विपमेंट फिटर यानी वैमानिकी ढांचा औऱ उपकरण फिट करने वाले कुशल तकनीशियनों की ट्रेनिंग के लिये यह प्रोग्राम कौशल विकास मंत्रालय के क्राफ्टसमैन ट्रेनिंग स्कीम के तहत शुरू किया गया है। दासो एविय़शन ने कई अकादमिक और पेशेवर संस्थानों के सहयोग से यह पहल की है।

इस पहल से प्रतिभाशाली भारतीय युवा वर्ग को रक्षा वैमानिकी क्षेत्र में  रोजगार पाने का अनोखा अवसर मिलेगा। वास्तव में भारत में प्रशिक्षित ये युवक दुनिया के अंतरिक्ष वैमानिकी उद्योग में रोजगार हासिल कर सकेंगे। इससे विश्व अंतरिक्ष वैमानिकी उद्योग की प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरुरत पूरी हो सकेगी।

दासो एविएशन ने कहा है कि वह अंतरिक्ष वैमानिकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की भारत की महत्वाकांक्षी योजना को समर्थन देना चाहता है।

 

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