DEFENCE

Special Report: सुरक्षा परिषद के स्थायी राजदूतों को बताया गया हमले के बारे में

सुरक्षा परिषद को दी गई हमले की जानकारी

नई दिल्ली। पुलवामा में जैश ए मोहम्मद आतंकवादी संगठन द्वारा पाकिस्तान की धरती से गुरुवार को सचालित आतंकवादी हमले की सचाई बताने के लिये विदेश सचिव विजय गोखले ने शुक्रवार दोपहर यहां राजनयिक प्रयास तेज करते हुए सुरक्षा परिषद के पांचों स्थायी सदस्यों अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन के नई दिल्ली स्थित राजदूतों को बुलाया।





इनके अलावा कुछ चुनिंदा यूरोपीय देशों और खाड़ी के देशों के अलावा कुछ और एशियाई देशों के राजदूतों को भी पुलवामा हमले के बारे में जानकारी देने के लिये बुलाया गया। यहां राजनयिक सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक रणनीति का खुलासा किया गया और सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों से कहा गया कि पाकिस्तान की इन हरकतों से मुंह मोडने की कोशिश क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।

यहां विदेशी राजदूतों से सलाह मशविरा के अलावा भारत ने एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को राजनयिक हलकों मे अलग थलग करने की पहल तेज कर दी है।

आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिये भारत ने इस तरह के कदम उठाकर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया है। आर्थिक तौर पर बदहाली झेल रहे पाकिस्तान को इससे और बदनामी झेलनी पड़ सकती है। माना जा रहा है कि भारत की इस पहल के बाद पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा कि वह अपनी धरती से आतंकवादी संगठनों को पड़ोसी देशों पर हमले करने से रोकने के कदम उठाए।

गौरतलब है कि भारत ने 1996 में संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ संधि के लिये एक मसविदा पेश किया था जिसे व्यापक समर्थन मिलने के बावजूद औपचारिक संधि में तब्दील नहीं किया जा सका है। लेकिन भारत सरकार ने फिर इस संधि पर संयुकत राष्ट्र की मुहर लगाने की कोशिशें तेज कर दी है।

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