DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: रूसी मिसाइल के लिये सौदा अंतिम दौर में- रक्षा मंत्री

निर्मला सीतारमन

नई दिल्ली। रूस से एस-400 एंटी मिसाइल रक्षा प्रणाली नहीं खरीदने की अमेरिकी चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए भारत ने कहा है कि रूस के साथ इसकी खरीद के समझौते पर बातचीत अंतिम दौर में है।





रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां अपने मंत्रालय के चार साल की उपलब्धियों को बताने के लिये आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में रक्षक न्यूज के सवालों के जवाब में कहा कि भारत ने अमेरिका से साफ कर दिया है कि रूस के साथ भारत के रिश्ते समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और चिरस्थायी है। भारत- अमेरिका रिश्तों के समीकरणों का इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि वह यह साफ करना चाहेंगी कि अमेरिका के साथ विभिन्न वार्ताओं के दौरान हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत के साथ रूस का रक्षा सहयोग लम्बे अर्से से चल रहा है। रूस के साथ रक्षा रिश्तों को समय की कसौटी पर खऱा उतरने की संज्ञा देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत में रूस से हासिल कई तरह के काफी सैन्य संसाधन हैं। रक्षा साज सामान, कलपुर्जे और सर्विसिंग की वजह से रूस के साथ रक्षा सहयोग में निरंतरता है।

इसी कड़ी में रक्षा मंत्री ने साफ किया कि रूस के साथ एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली को खरीदने के लिये वार्ता अंतिम दौर में है। इस सौदे पर लम्बे अर्से से बातचीत चल रही है और यह अंतिम चरण में है। इससे यह बात साफ हो जाती है।

रूस के खिलाफ निर्देशित अमेरिकी प्रतिबंध कानून कैटसा का भारत-रूस रक्षा रिश्तों पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत-रूस रिश्तों के इस खास पहलू पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कांग्रेस में एक प्रतिबंध कानून काउंटरिंग अमेरिकन एडर्वसर्रीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट( कैटसा) पारित किया है जिसके तहत यह प्रावधान है कि रूस के उन 37 रक्षा प्रतिष्ठानों से लेन-देन करने वाले देशों के खिलाफ अमेरिका प्रतिबंध लगाएगा। इस कैटसा कानून की वजह से अमेरिका के आला अधिकारियों ने भारत को चेतावनी दी है भारत रूस से मिसाइल रक्षा प्रणाली एस-400 का सौदा नहीं करे। गौरतलब है कि दो साल पहले गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ बातचीत में एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली खरीदने पर सहमति हुई थी।

लेकिन इसके बाद अमेरिकी कांग्रेस में एक कानून कैटसा पारित हो गया जिसके तहत रूस की प्रमुख सरकारी निर्यात एजेंसी रोजवोरोनएक्सपोर्ट सहित 37 अन्य प्रतिष्ठित रक्षा संस्थान एवं कम्पनियों को शामिल किया गया।

एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली दुश्मन की किसी भी हमलावर मिसाइल को आसमान में उड़ान के दौरान ही नष्ट कर देती है। भारत के इर्द-गिर्द पाकिस्तान से लेकर चीन में भारत को निशाना बना कर तैनात की गई लम्बी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के मद्देनजर भारत के लिये यह काफी अहम हो जाता है कि अपने बड़े महानगरों की रक्षा के लिये मिसाइल नाशक मिसाइलें तैनात करे।

 

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