DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: उपग्रहों को बचाने की चुनौती सबसे बड़ी

भारतीय सैटेलाइट
फाइल फोटो

नई दिल्ली। अंतरिक्ष के बढ़ते सैन्यीकरण से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष समुदाय चिंतित है। यहां अंतरिक्ष पर चल रहे तीन दिनों के सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चिता जाहिर करते हुए कहा कि अंतरिक्षगामी देशों के सामने अब सबसे बड़ा खतरा और चुनौती नये उपग्रह छोड़ना नहीं है बल्कि उन्हें सुरक्षित रखना है।





विशेषज्ञों ने कहा कि अंतरिक्ष के सैन्यकरण के लिये अमेरिका, चीन और रूस के बीच होड़ तेज हो गई है इसलिये भारत जैसे पड़ोसी देश भी इनसे बचने के लिये जरूरी इंतजाम में जुट गए हैं।

 अंतरिक्ष के सैन्यीकरण की वजह से  अंतरिक्ष में संसाधन जमा करने वाले देश अब अपने नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम को बचाने की जुगत में लगे हैं। यहां विचार संस्था ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा अंतरिक्ष पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अग्रणी राजनयिकों और विशेषज्ञों ने अपनी चिंताएं जाहिर कीं।

पांचवीं कल्पना चावला अंतरिक्ष नीति वार्ता में भाग लेते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि जब तक एक प्रभावी अंतरिक्ष प्रशासन नहीं लागू किया जाता है अंतरिक्ष में विभिन्न देशों के संसाधन असुरक्षित रहेंगे। इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यहां फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंडर जिगलर ने कहा कि नागरिक अंतरिक्ष संसाधनों को बचाने के लिये सभी देशों को इकट्ठा होने की जरूरत है। अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ के खिलाफ हमें एकजुट होना होगा।

राजदूत ने कहा कि अंतरिक्ष को नियंत्रित करने के लिये तुरंत अंतरराष्ट्रीय कानूनों की जरुरत है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में जिस तरह यातायात अनियंत्रित होता जा रहा है उसे नियमित करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत का सबसे पुराना साझेदार  है इसिलये दोनों देशों को अंतरिक्ष के संसाधनों को बचाने के लिये साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा के लिये भारत औऱ फ्रांस 10 से 15 उपग्रहों के समूह स्थापित करने पर साथ काम कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के उपउच्चायुक्त राड हिलटन ने कहा कि अंतरिक्ष में उपग्रहों के मलवे नागरिक उपग्रहों के लिये खतरा बन रहे हैं। अंतरिक्ष आयोग के पूर्व सदस्य बी एन सुरेश ने कहा कि आज सबसे अधिक जरूरत इस बात की है कि अंतरिक्ष में संसाधनों को बचाने के लिये एक व्यवस्था ख़ड़ी की जाए।  डा. शिवथानु पिल्लै ने कहा कि अंतरिक्ष  में फिलहाल 17 सौ से अधिक उपग्रह चक्कर लगा रहे हैं जिनका जीवन काल बढ़ाने के उपायों पर भी अमल करने की जरुरत है।

Comments

Most Popular

To Top