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स्पेशल रिपोर्ट: 6 पनडुब्बियों के लिये 45 हजार करोड़ रुपये का टेंडर जारी

इंडियन सबमरीन
फाइल फोटो

नई दिल्ली। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारतीय नौसेना के लिये 06 डीजल पनडुब्बियों के  लिये भारतीय साझेदारों के चयन के लिये रक्षा मंत्रालय ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट यानी प्रस्ताव आमंत्रित करने की अधिसूचना को जारी कर दिया है।





‘मेक इन इंडिया’ के तहत छह डीजल पनडुब्बियां विदेशी कम्पनी के सहयोग से भारत में भारतीय कम्पनियों की साझेदारी में बनेंगी। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद के मुताबिक छह पनडुब्बियों के भारत में  निर्माण  पर 45 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी।

‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में बनने वाली यह दूसरी शस्त्र प्रणाली  होगी। इसके पहले रक्षा मंत्रालय ने सामरिक साझेदारी के माडल के तहत 111 नेवल युटिलीट हेलीकाप्टर बनाने का  टेंडर जारी किया था। इन दोनों परियोजनाओं से भारत में बड़े हथियारों के निर्माण  को भारी बढ़ावा मिलेगा।

प्रवक्ता ने बताया कि छह पनडुब्बियों के लिये भारतीय साझेदारों  के चयन के बारे में एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट रक्षा मंत्रालय औऱ नौसेना की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके दो सप्ताह बाद विदेशी कम्पनियों के लिये एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट जारी किया जाएगा।

विदेशी कम्पनी के सहयोग से भारत में पनडुब्बी निर्माण की   सुविधा के लिये सामरिक साझेदारों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।  इस प्रोजेक्ट के तहत सभी छह पनडुब्बियां चुने गए भारतीय सामरिक साझेदारों द्वारा बनाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट से भारत में पनडुब्बी निर्णाण की स्वदेशी  क्षमता पैदा होगी।

भारतीय सामरिस साझेदारों से कहा गया है कि दो महीने  के भीतर अपने प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के पास भेज दें। साझेदारों का चयन उनकी तकनीकी क्षमता और वित्तीय संसाधनों के बल पर किया जाएगा। पनडुब्बी बनाने वाली विदेशी कम्पनी का चयन उनकी पनडुब्बी के डिजाइन के आधार पर किया जाएगा। यह डिजाइन ऐसा होगा कि भारतीय नौसेना की सामरिक औऱ तकनीकी जरूरतों को पूरा कर सके।

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