DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: तेजस मलेशियाई वायुसेना के विमान सौदे की होड़ में

तेजस
फाइल फोटो

नई दिल्ली। मलेशिया की वायुसेना के लिये लड़ाकू विमान के टेंडर में भारत का एलसीए तेजस  भाग लेगा। भारतीय वायुसेना के लिये एक सौ से अधिक तेजस बनाने का आर्डर हासिल करने के बाद तेजस पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय सौदे की होड़ में शामिल होगा।





इस इरादे से  भारत अपने एलसीए तेजस विमान को मलेशिया की रक्षा प्रदर्शनी लीमा- 2019,  लंकावी में उतारेगा। यह प्रदर्शनी इस महीने के अंत में  आयोजित होगी। तेजस के साथ रुस का याक-130 ट्रेनर विमान  और चीन- पाकिस्तान का जेएफ-17 थंडर विमान भी होड़ में शामिल होगा। ऐसा  पहली बार होगा कि  भारतीय तेजस को एक साथ रूस और चीन के लड़ाकू विमानों से होड़ करना होगा। लंकावी रक्षा प्रर्दशनी में रूस और भारतीय लड़ाकू विमान स्थिर और उड़ान प्रदर्शन में भाग लेंगे। इस होड़ में दक्षिण कोरिया का एफ-ए- 50 जेट विमान भी शामिल हो रहा है।

गौरतलब है कि पिछले महीने ही एलसीए तेजस बेंगलुर में एरो इंडिया अंतरिक्ष वैमानिकी प्रदर्शनी में उडान प्रदर्शन कर चुका है। एलसीए तेजस को पिछले महीने ही फाइनल आपरेशनल क्लीयरेंस यानी ल़ड़ाकू भूमिका में उड़ान भऱने में सक्षम होने का प्रमाण पत्र दिया गया है। भारत के तेजस प्रोग्राम को इससे भारी प्रोत्साहन मिला है। इसकी विभिन्न उड़ान क्षमताओं के लिये तेजस को कई वैमानिकी विशेषज्ञों ने सराहा है।

यहां माना जा रहा है कि रूसी रक्षा साज सामान की खरीद पर अमेरिका द्वारा लगाई गई पाबंदी के मद्देनजर भारतीय तेजस होड़ में आगे रह सकता है। हालांकि चीनी  जेएफ-17 भी होड़ में है लेकिन भारतीय तेजस में लगे बेहतर इलेक्ट्रानिक और एवियानिक्स की वजह से इसकी व्यापक सराहना की जा रही है। तेजस विमान में जल्द ही आएसा रेडार तैनात हो जाएगा जिससे यह चीनी और कोरियाई विमानों से कहीं आगे होगा। आएसा रेडार दुनिया का सबसे अडवांस्ड रेडार माना जाता है जो एक साथ सौ से अधिक लक्ष्यों को निशाना लगा सकता है।

एलसीए तेजस में अमेरिकी जीई इंजन लगा है इसलिये भी मलेशियाई वायुसेना के लिये यह पसंद आ सकता है हालांकि भारत को अमेरिकी इंजन लगा विमान किसी तीसरे देश को सप्लाई करने के लिये अमेरिका की अनुमति लेनी होगी।

तेजस की एक और खास बात होगी कि इसमें ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल लगी होगी जो विमान से छोड़े जाने के बाद करीब 290 किलोमीटर दूर तक किसी जमीनी ठिकाने को तबाह कर सकती है। यहां जानकारों का कहना है कि भारतीय तेजस विमान रूसी, कोरियाई और चीनी विमानों की तुलना में लागत के नजरिये से भी आकर्षक होगा।  आवाज की गति से 1.6 गुना अधिक गति से उड़ने वाला तेजस अपने हलके वजन की वजह से भी दूसरे विमानों की तुलना में आकर्षक साबित होगा। इस विमान में हवा से जमीन के अलावा हवा से हवा में मार करने वाली लम्बी दूरी की मिसाइलें तैनात होंगी। हवाई सुरक्षा भूमिका में एलसीए तेजस को काफी उन्न्त क्षमता वाला माना जा रहा है।

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