DEFENCE

Special Report: तीसरे देशों को निर्यात के लिए भारत में रूस रक्षा उद्योग को निमंत्रण

एस- 400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम
फाइल फोटो

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा उद्योग से कहा है कि तीसरे देशों में निर्यात करने के लिये भारत में अपने रक्षा साज सामान का उत्पादन करें। रक्षा मंत्री ने कहा कि इन रक्षा साज सामान की भारतीय सेनाओं को सप्लाई के लिये भी निश्चित मात्रा में तयशुदा कीमत पर आर्डर दिये जा सकते हैं।





रूसी रक्षा मंत्री के साथ सैन्य तकनीकी सहयोग के लिये संयुक्त आयोग की बैठक की सहअध्यक्षता करने रूस गए  राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि रूसी रक्षा कारखाने भारतीय कम्पनियों के साथ मिल कर  सैन्य प्रणालियों का भारत में उत्पादन करें। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मास्को में रूसी सैनिक साज सामान के मूल निर्माताओं के साथ  बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि  भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारतीय रक्षा मंत्रालय  हथियारों के मूल रूसी उत्पादकों को  प्रोत्साहित कर  रहा है। उन्होंने कहा कि हमने तमिलनाडु औऱ उत्तर प्रदेश में रक्षा उद्योग के लिये रक्षा गलियारा विकसित करने का काम शुरू किया है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस तरह की औद्योगिक साझेदारी से  रूसी सैनिक साज सामान के आफ्टर सेल्स सपोर्ट का काम भी हासिल किया जा सकता है।  रक्षा मंत्री ने रूसी उद्योग प्रतिनिधियों को बताया कि  कलपुर्जों आदि के संयुक्त उत्पादन के लिये भारत औऱ रूस के बीच गत 04 सितम्बर को समझौता हो चुका है।

रूस के दौरे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूसी रक्षा मंत्री से आग्रह करेंगे कि एस- 400 एंटी मिसाइल प्रणालियों की  सप्लाई तयशुदा वक्त से पहले करें। इन मिसाइलों को साल 2020 से 2023 तक सप्लाई करने पर सहमति हुई थी।  इसके अलावा रूस से अकुला वर्ग की एक और रूसी परमाणु पनडुब्बी हासिल करने पर भी बात होगी।

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