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स्पेशल रिपोर्ट: पायलट की रिहाई भारत की राजनयिक जीत

विंग कमांडर अभिनंदन

नई दिल्ली।  भारतीय लड़ाकू पायलट अभिनंदन वर्धमान को  24 घंटे के भीतर ही रिहा करने के फैसले को भारत  की अभूतपूर्व राजनयिक जीत की  संज्ञा दी जा सकती है।





विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को 27 फरवरी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में तब पाकिस्तान ने हिरासत में लिया था जब वह पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमान एफ- 16 को मार गिराने के बाद खुद पाकिस्तानी हमले का शिकार हुआ।

इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा उनपर हिंसक हमला हुआ लेकिन पाकिस्तानी सेना द्वारा हिरासत में लिये जाने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने यहां पाकिस्तानी हाई कमीशन के डिप्टी हाई कमिश्नर को बुलाकर सख्त चेतावनी दी कि अभिनंदन को तुरंत रिहा करे औऱ भारत वापस भेजे।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी देखा कि विंग कमांडर अभिनंदन को यदि पाकिस्तान ने स्वदेश नहीं भेजा तो परमाणु हथियारों से लैस दो देशों के बीच अभूतपूर्व तनाव पैदा होगा जिसका नतीजा दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध भी हो सकता है। भारतीय राजनयिकों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सचाई से अवगत कराने में जीतोड़ कोशिश की जिसका नतीजा है कि न केवल पाकिस्तान विंग कमांटर अभिनंदन को रिहा करने को तैयार हुआ बल्कि भारत के साथ सीधी शांति वार्ता के लिये भी पेशकश करने लगा।

इसीलिये यूरोपीय संघ, जापान, फ्रांस , ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी आदि देशों सार्वजनिक बयान जारी कर पाकिस्तान की धरती से संचालित आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  करे औऱ भारत के साथ तनाव बढाने वाली कार्रवाई नहीं करे।

यूरोपीय संघ ने अपने बयान में भारत और ब्रिटेन से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि पुलवामा में गत 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमलों के बाद भारत औऱ पाकिस्तान  के बीच नियंत्रण रेखा पर काफी बढ़ गया है। इससे न केवल दोनों देशों बल्कि सम्पूर्ण इलाके कें लिये गम्भीर परिणाम पैदा हो सकते हैं।

यूरोपीय संघ ने कहा कि आतंकवाद को कभी भी न्यायोचित ठहराया जा सकता । संघ के उच्च प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि हर तरह के  आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट औऱ लक्षित कार्रवाई होनी चाहिये।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री  टेरेसा मे ने संसद में अपने बयान में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच विकसित होते हालात को लेकर ब्रिटेन गम्भीर तौर पर चिंतित है। हम दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हैं। हम तनाव घटाने के लिये अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर  काम कर रहे हैं। हम हालात पर नजदीक से नजर रखे हुए है।

जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो ने एक कड़ा बयान जारी कर पाकिस्तान की धऱती से संचालित आतंकवादी गतिविधियों की कड़ी निंदा  और पाकिस्तान से आग्रह किया कि  आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। जापान ने भारत औऱ पाकिस्तान दोनों से आग्रह किया कि तनाव दूर करने के लिये आपसी बातचीत करे औऱ अपने मसलों को सुलझाए।

जर्मनी के विदेश मंत्री हेईको मास ने कहा कि उऩ्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री से फोन पर बात कर आग्रह किया कि हालात बेकाबू नहीं होने पाएं। हम समझते हैं कि कश्मीर में जैसे हालात होने चाहिये वैसे नहीं हैं लेकिन अब यह भारत औऱ पाकिस्तान पर निर्भर है कि आपसी रिश्तों को इतना नहीं बिगड़ने दें कि दोनों देशों के बीच खुला टकराव होने लगे। पाकिस्तान को अपनी धरती से आतंकवाद को खत्म करने के लिये हर सम्भव कदम उठाने होंगे।

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