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स्पेशल रिपोर्ट: लॉकहीड अब बनाएगी छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान

छठी पीढ़ी के एफ- 35 लड़ाकू विमान

नई दिल्ली। अमेरिकी कम्पनी लॉकहीड मार्टिन अब छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान का डिजाइन कर रही है जिसे अमेरिकी सेना में साल 2021 तक तैनात करने  का लक्ष्य है।





गौरतलब है कि लॉकहीड मार्टिन ने एफ-35 किस्म की 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का विकास किया है और इसे कई देशों की वायुसेनाओं ने शामिल किया है। पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का विकास अमेरिका के अलावा रूस औऱ चीन ने किया है लेकिन अब लड़ाकू विमान बनाने वाली दुनिया की अडवांस्ड कम्पनियां पांचवीं पीढ़ी के विमान से कहीं अधिक संहारक औऱ दुश्मन के विमान पर हावी होने की क्षमता रखने वाली छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के विकास में जुट गई हैं। गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल फोर प्लस पीढ़ी के ही लड़ाकू विमान हैं।

इस छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान में लेजर हथियार होगा और साथी ड्रोन विमानों पर नियंत्रण रखने वाली प्रणाली होगी। लॉकहीड मार्टिन  के एक अधिकारी ने भविष्य के लड़ाकू विमान के विकास की तैयारी की जानकारी दी। इस विमान में हाई इनर्जी लेजर एंड इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल डैजलर एंड सर्विलांस (हेलियोस) इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली लगी होगी।

इस प्रणाली को अर्ले बुर्के क्लास के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर पर तैनात किया जाएगा। तकनीकी प्रगति की वजह से अमेरिकी इंजीनियर अब इस प्रणाली की लघु किस्म विकसित करने की सोच रहे हैं जिसे लड़ाकू विमान के एयर फ्रेम में लगाया जा सकेगा।

 पांचवीं पीढ़ी के एफ-35 विमान उड़ाने वाले पायलट टोनी विलसन के मुताबिक अब वह छठी पीढ़ी के युग में प्रवेश  करने की प्रतीक्षा में हैं। इसमें न केवल स्टील्थ और सेंसर एकीकरण होगा बल्कि इसमें डायरेक्टेड इनर्जी वेपन और ड्रोन स्वार्म कंट्रोल लगे होंगे।  विलसन के मुताबिक हेलियोस प्रणाली की वजह से छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान की क्षमता में क्रांतिकारी इजाफा होगा। इस ताकत से यह दुश्मन के किसी भी लड़ाकू विमान पर हावी हो सकेगा।

इस प्रणाली के विकास के पहले कम्पनी के इंजीनियरों ने रूसी कम्युनिकेशंस जैमिंग और इलेक्ट्रानिक अटैक क्षमता का विस्तार से अध्ययन किया था। लॉकहीड के वैज्ञानिकों ने यह भी देखा कि रूसी विमानों में किस तरह की रेडार तकनीक का इस्तेमाल हमलावर उद्देश्यों के लिये किया जाता है।

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