DEFENCE

Special Report: जम्मू-कश्मीर भारत का अंदरुनी मसला- अमेरिकी रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह और मार्क ईस्टर

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  मार्के टी एस्पर को अमेरिका के रक्षा मंत्री नियुक्त होने पर फोन किया और उऩ्हें बधाई दी। यहां रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते  हुए बताया कि दोनों रक्षा मंत्रियों ने आपसी रक्षा सहोग में हो रही प्रगति पर संतोष जाहिर किया और दोनों ने इसे औऱ गहरा करने का संकल्प जाहिर किया। इस दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मसला भारत का अंदरुनी मसला है।





दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने सेनाओं के बीच चल रहे सहयोग, रक्षानीति ,तकनीकी शोध एवं विकास सहयोग, रक्षा व्यापार आदि मसलों पर बातचीत की। दीनों देशों की तीनों सेनाओं के बीच इस साल के अंत तक होने वाले साझा युद्धाभ्यासों पर दोनों रक्षा मंत्रियों ने संतोष जाहिर किया। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने वाली संधियों लेमोआ औऱ कोमकासा को लागू करने पर संतोष  जाहिर किया।

राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री से कहा कि भारतीय  रक्षा उद्योग में अमेरिकी रक्षा कम्पनियों का स्वागत है। भारत ने रक्षा उद्योग के लिये ‘मेक इन इंडिया’ नीति बनाई है जिसका लाभ अमेरिकी कम्पनियां उठा सकती हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री  से बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने सीमा पार आतंकवाद का मसला उठाया औऱ  इस इलाके में शांति व सुरक्षा बनाए रखने के भारतीय प्रयासों की अमेरिकी समर्थन की  सराहना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 जैसे मसले भारत का अंदरुनी मसला है और इसका उद्देश्य राज्य में विकास को बढ़ावा देना है। इससे जम्मू-कश्मीर के लोगों को फायदा होगा।

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भारत के इस रुख की सराहना की और कहा कि जम्मू-कश्मीर में हाल का घटनाक्रम भारत का अंदरुनी मामला है। उन्होंने उम्मीद की कि भारत औऱ पाकिस्तान आपसी  मसलों को दिवपक्षीय बातचीत से हल कर लेंगे।  दोनों रक्षा मंत्रियों ने कहा कि वे भारत औऱ अमेरिका के रक्षा और विदेश मंत्रियों की टू प्लस टू वार्ता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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