DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: जापान ने भारत से यूएस- 2 विमान पर चर्चा की

प्रधानमंत्री मोदी के साथ ट्रंप और अबे

नई दिल्ली। भारत को अपने एम्फीबियस विमान बेचने के लिये जापान ने भारत से फिर बात की है। जापानी शहर ओसाका में जी-20 शिखर बैठक के दौरान जापानी प्रधानमंत्री शिंजो एबे ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दिवपक्षीय बातचीत के दौरान भारत के साथ रक्षा सहयोग को और गहरा करने के लिये भारत को एम्फीबियस विमान बेचने के पुराने प्रस्ताव को दोहराया।





गौरतलब है कि जापान और भारत के बीच जमीन और पानी पर समान तरीके से उतरने की क्षमता वाले यूएस-2 शिनमायवा विमान पर पिछले करीब 7-8 सालों से बातचीत चल रही है।  रक्षा सूत्रों के मुताबिक इस विमान की अत्यधिक लागत होने की वजह से भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इसे हासिल करने का फैसला टाला हुआ है। लेकिन अब एक बार फिर जापानी प्रधानमंत्री द्वारा खुद ओसाका में भारतीय प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में इस मसले को उठाना काफी अहम है। यूएस-2 विमान जमीन और समुद्र की सतह पर उतर सकता है। इस तरह इस विमान का इस्तेमाल समुद्र तटीय इलाके और दवीपों पर तैनात करने में किया जा सकता है।

जापान ने भारत से कहा है कि हिंद प्रशांत इलाके में शांति व सुरक्षा को गहरा करने में यह विमान अच्छी भूमिका निभाएगा। जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि खुले हिंद प्रशांत इलाके के लक्ष्य को हासिल करने के लिये भारत और जापान के रक्षा और विदेश मंत्रियों की टू प्लस टू वार्ता जल्द से जल्द होनी चाहिये। जापानी प्रधानमंत्री ने भारत के साथ रक्षा व सामरिक मामलों पर सहयोग गहरा करने पर जोर दिया। ओसाका में ही जापानी विदेश मंत्री तारो कोनो ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर  के साथ सामरिक वार्ता की।

भारत और जापान के बीच दिवपक्षीय वार्ता के बाद भारत, जापान और अमेरिका की त्रिपक्षीय वार्ता हुई जिस पर दुनिया के सामरिक हलकों की गहरी नजर रही। खासकर चीन के सामरिक हलकों में भारत और जापान के बीच गहराते सामरिक रिश्तों पर विशेष नजर रहती है। चीनी हलकों में माना जाता है कि भारत और जापान के बीच सामरिक सहयोग दक्षिण चीन सागर में चीन की चुनौतियों से मुकाबले के लिये विकसित हो रही है। प्रधानमंत्री शिंजो एबे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हुई इस दूसरी त्रिपक्षीय वार्ता में हिंद प्रशांत इलाके को खुला बनाए रखने के  प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

गौरतलब है कि भारत और जापान के बीच आपसी रक्षा सहयोग को गहरा करने के लिये सहयोग के कई समझौतों पर हस्ताक्षर पहले ही हुए हैं।

Comments

Most Popular

To Top