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स्पेशल रिपोर्टः अमेरिकी धमकियों के बीच ईरानी विदेश सचिव का अहम दौरा

सईद अब्बास अरगची

नई दिल्ली। ईरान से तेल का रिश्ता तोड़ने की अमेरिकी धमकियों के बीच ईरानी विदेश उपमंत्री की यहां भारतीय अधिकारियों के साथ अहम बातचीत हुई है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से भारत औऱ ईरान के रिश्तों पर पड़ रही आंच के बीच ईरान के विदेश उपमंत्री की यहां विदेश मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई और यह तय किया गया कि इस साल नवम्बर में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज साझा आयोग की बैठक के लिये तेहरान जाएंगी।





ईरानी विदेश उप मंत्री सईद अब्बास अरगची की यहां विदेश सचिव विजय गोखले की बैठक को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने विदेश मंत्रालय सलाह मशविरा बैठक की संज्ञा दी लेकिन यहां राजनयिक सूत्रों का कहना है कि ईरान पर लगने वाले अमेरिकी प्रतिबंधों के सिलसिले में यहां दोनों देशों के अधिकारियों के बीच अहम बातचीत हुई है। ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा पेट्रोलियम सप्लायर है और ईरान पर यदि अमेरिका का प्रतिबंध लग जाता है तो भारत को तेल आयात के लिये विकल्प की तलाश करनी होगी। भारत की कोशिश है कि ईरान से तेल आयात पर कोई आंच नहीं आने पाए। इसी मसले पर यहां भारत और ईरानी अधिकारियों के बीच गहन चर्चा हुई है।

ईरानी विदेश उपमंत्री बाद में विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर से भी मिले। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक दोनों पक्षों ने गत फरवरी में ईरानी राष्ट्रपति के भारत दौरे में लिये गए फैसलों की सकारात्मक समीक्षा की और व्यापार और आर्थिक मसलों पर रिश्तों को मजबूत करने के उपायों पर बातचीत की। ढांचागत सम्पर्क मजबूत करने के मसले पर भी दोनों पक्षों ने बातचीत की। यह बातचीत ईरान के चाबाहार बंदरगाह का भारत द्वारा विकास करने के मद्देनजर अहम है।

प्रवक्ता ने बताया कि हम  आपसी लाभ के लिये लिये बहुआयामी आदान-प्रदान की गति को बढाते रहेंगे और इसी इरादे से आगामी नवम्बर में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नवम्बर में तेहरान का दौरा करेंगी । गौरतलब है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि चार नवम्बर तक ईरान से जो देश तेल आयात नहीं रोकेगा उस पर आर्थिक प्रतिबंध लग जाएगा।

 

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