DEFENCE

Special Report: स्वदेशी एंटी रेडिएशन मिसाइल तैयार, जल्द होगा परीक्षण 

स्वदेशी एंटी रेडिएशन मिसाइल

नई दिल्ली। भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों द्वारा  देश में विकसित अगली पीढ़ी की पहली एंटी रेडियेशन मिसाइल  बन कर तैयार है औऱ इसका आगामी जुलाई या अगस्त में परीक्षण होगा।





नेक्स्ट  जेनरेशन एंटी रेडिय़ेशन मिसाइल (एनजीएआरएम)  भारतीय लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता में भारी इजाफा करेगी। इस मिसाइल के जरिये  हवा से जमीन पर एक सौ किलोमीटर दूर तक अचूक निशाना लगाया जा सकता है। इस मिसाइल का परीक्षण इसके दोनों सीकरों के साथ होगा। ये सीकर हैं- मिसाइल की आंख जो रेडियो फ्रीक्वेंसी पल्सेज जारी करती हैं और निर्देशित लक्ष्य से इसकी प्रतिध्वनि ग्रहण करती हैं।

इस मिसाइल का विकास रक्षा अनुसंधान एव विकास संगठन (DRDO) ने किया है। डीआरडीओ ने दावा किया है कि इस मिसाइल को पहली बार बंगाल की खाड़ी के ऊपर सुखोई- 30एमकेआई विमान से छोड़ा गया था। 18 जनवरी को किये गए परीक्षण के दौरान कंट्रोल गाइडेंस, एरोडाइनामिक्स और प्रोपल्सन का बिना सीकर के परीक्षण किया गया।

अब मिसाइल में लगे सीकरों के परीक्षण के लिये कैरेज फ्लाइट ट्रायल कई लक्ष्यों को भेदने के लिये किये जाएंगे। इसके अलावा मिसाइल को छोड़े जाने के बाद सीकरों का इस्तेमाल करते हुए  मिड कोर्स गाइडेंस और टर्मिनल  गाइडेंस की क्षमता का प्रदर्शन देखा जाएगा।

भारत में पहली बार इस तरह की मिसाइल का विकास किया गया है। यह मिसाइल दुश्मन के रेडारों औऱ संचार सुविधाओं को ध्वस्त कर सकती है। करीब 5.5 मीटर लम्बी यह मिसाइल छह सौ किलोग्राम वजन की है और इसे सालिड पल्स रॉकेट सिस्टम से ऊर्जा मिलती है। परीक्षण पूरा होने के बाद इसे सुखोई-30 एमकेआई, मिराज- 2000 और तेजस विमानों पर तैनात किया जाएगा।

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