DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: जनसंहार के हथियारों को रोकने पर भारत-अमेरिका करेंगे सहयोग

विदेश सचिव विजय गोखले

नई दिल्ली।  जनसंहार के हथियारों और इसे छोड़ने वाली शस्त्र प्रणालियों के प्रसार को साथ मिलकर रोकने के लिये भारत और अमेरिका ने प्रतिबद्धता दिखाई है।





 भारत और अमेरिका के बीच सामरिक सुरक्षा वार्ता के 9वें दौर की बातचीत के दौरान भारत और अमेरिका के आला राजनयिकों ने उक्त संकल्प जाहिर किया और कहा कि  आतंकवादियों और गैरसरकारी तत्वों को इन हथियारों तक पहुंचने से रोका जाएगा।

वाशिंगटन में हुई  इस सामरिक सुरक्षा वार्ता की सह अध्यक्षता विदेश सचिव विजय गोखले और अमेरिकी विदेश विभाग में शस्त्र  नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के अवर सचिव आंद्रेया थामसन ने की। इस दौरान दोनों पक्षों ने वैश्विक सुरक्षा और अप्रसार चुनौतियों पर गहन बातचीत की। इस दौरान दोनों पक्षों ने इन चुनौतियों से मुकाबला करने के लिये मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जाहिर की। दोनों ने दिवपक्षीय सुरक्षा और नागरिक परमाणु सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। इसमें भारत में छह परमाणु बिजली घरों की योजना भी शामिल है। गौरतलब है कि इन छह परमाणु बिजली घरों को भारत में लगाने पर 2008 में भारत और अमेरिका के बीच परमाणु सहयोग संधि के दौरान हुई थी। बैठक के दौरान अमेरिकी अधिकारियों ने 48 देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत को सदस्यता जल्द दिलवाने के लिये भी अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।

इसके पहले विदेश मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों की अतिरिक्त सचिव इन्द्रा मणि पांडे और अमेरिकी विदेश विभाग में शस्त्र नियंत्रण जांच और निगरानी के लिये सहायक सचिव डॉ. यलीम पोबलेट ने भारत अमेरिका के बीच तीसरे दौर की वार्ता की सहअध्यक्षता की। इस दौरान अंतरिक्ष में  खतरों, अंतरिक्ष क्षेत्र में आपसी सहयोग की सम्भावनाएं, एक दूसरे के अंतरिक्ष विभाग की प्राथमिकताएं आदि के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया गया ।

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