DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: मसूद के बाद पाकिस्तान पर भारत ने बढ़ाया दबाव

आतंकी मसूद अजहर
फाइल फोटो

नई दिल्ली।  जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किये जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया है। भारत की अब कोशिश है कि आतंकवाद  विरोधी संस्था फाइनेनशियल एक्शन टास्क फोर्स  की ब्लैक लिस्ट में शामिल करवाया जाए।





यही वजह है कि आतंकवादियों और आतंकवादी तत्वों को वित्तीय और अन्य मदद देने पर नजर रखने और इसके खिलाफ कार्रवाई करने वाली संस्था फाइनानशियल एक्शन टास्क फोर्स ( FATF) की जून के मध्य में  होने वाली निर्णायक बैठक के पहले पाकिस्तान के पसीने छूट रहे हैं। उसे डर  है कि एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को मदद रोकने वाले  विभिन्न कदमों की समीक्षा के दौरान उसके बयानों और सबूतों को नाकाफी माना जाएगा और उसका नाम ग्रे लिस्ट से हटाकर ब्लैक लिस्ट में कर दिया जाएगा।

यही वजह है कि भारतीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय मीडिया के सवालों के जब कहा कि पाकिस्तान को  एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में शामिल किया जाना चाहिये क्योंकि भारत के पास जो तथ्य हैं उनकी एफएटीएफ की बैठक में गहरी जांच की जाएगी और पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकाल कर ब्लैक लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा।

वित्त मंत्री जेटली के इस बयान पर पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जेटली के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि भारत इस संस्था का राजनीतिकरण कर रहा है। गौरतलब है कि भारत इस टास्क फोर्स का सहअध्यक्ष है। पाकिस्तान ने इस संस्था के अध्यक्ष मार्शल बिलिंग्सली से कहा है कि भारत को इस पद से हटाया जाए। पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि विगत में भी भारत ने इस संस्था के राजनीतिकरण की कोशिश की है।

गौरतलब है कि भारत  एफएटीएफ के  फैसलों के लागू होने की समीक्षा करने वाले समूह एशिया-पैसिफिक ज्वाइंट ग्रुप का भी सदस्य है। पाकिस्तान ने मांग की है कि भारत को इस ग्रुप से भी बाहर निकाला जाए।   पाकिस्तान ने कहा है कि भारत के इस रवैये की वजह से इन ग्रुपों की सदस्यता और प्रमुख ओहदा पर रहने की योग्यता पर सवाल उठते हैं।

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय संस्था को भरोसा दिया है कि वह एफएटीएफ के एक्शन प्लान को लागू करने को प्रतिबद्ध है।पाकिस्तान ने संस्था से कहा है कि वह यह सुनिश्चित करे कि इसकी कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से चले।

 एफ ए टी एफ की ब्लैक लिस्ट में शामिल करने से पाकिस्तान के खिलाफ कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लग जाएंगे और उसके लिये अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज लेना मुश्किल हो जाएगा। आर्थिक तंगी की वजह से पाकिस्तान की चिंताएं इसीलिये और बढ़ गई हैं।

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