DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: जनरल बिपिन रावत अमेरिका के दौरे पर

सेना प्रमुख बिपिन रावत
फाइल फोटो

नई दिल्ली। अमेरिका के साथ सैन्य और रक्षा सहयोग को गहरा करने के इरादे से थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ दो से पांच अप्रैल तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। जनरल अमेरिका दौरे से सैन्य रिश्तों के अलावा सामरिक तालमेल को भारी बढ़ावा मिलेगा।





यहां थलसेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित वैष्णव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अपने अमेरिका दौरे में जनरल रावत अमेरिका के आला सैन्य अधिकारियों के साथ मुलाकात करेंगे। जनरल रावत वेस्ट प्वाइंट में मिलिट्री एकेडमी और कांसास में फोर्ट लेवनवर्थ में जनरल स्टाफ कालेज का दौरा करेंगे। जनरल रावत इसी कालेज के स्नातक भी रह चुके हैं।

वाशिंगटन में जनरल रावत ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल जोसेफ एफ डनफर्ड के अलावा अमेरिकी थलसेना के चीफ आफ स्टाफ जनरल मार्क ए मिली से मुलाकात कर सैन्य सहयोग और आपसी हितों के  अन्य मसलों पर बातचीत करेंगे। यहां थलसेना के प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूती मिलेगी। भारत और अमेरिका के बीच सैन्य स्तर पर नियमित तौर पर साझा अभ्यासों का सिलसिला चलने लगा है। दोनों देशों के बीच मालाबार साझा सैन्य अभ्यास दुनिया के सामरिक हलकों में भारी चर्चा का विषय बना है।

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहोयग को गहरा करने के लिए नब्बे के दशक के मध्य में रक्षा नीति दल (डीपीजी) का गठऩ हुआ था जो 1998 में भारत के परमाणु परीक्षणों के बाद स्थगित हो गया था। लेकिन यह दल पिछले दशक के शुरू में फिर सक्रिय हुआ औऱ इसके बाद से भारत और अमेरिका के बीच सामरिक रिश्तों  को भारी मजबूती मिली है। इन रिश्तों की वजह से भारत और अमेरिका के बीच सैन्य साज सामान के सहयोग का रिश्ता भी काफी गहरा हुआ है। अमेरिका ने अब तक भारत को 18 अरब डॉलर से भी अधिक मूल्य क रक्षा साज सामान सप्लाई किये हैं जिनसे भारतीय सेना को काफी ताकत मिली है।

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