DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: DRDO की तकनीक प्राइवेट सेक्टर को

डीआरडीओ

नई दिल्ली। रक्षा शोध एवं विकास संगठन (DRDO) ने अपने यहां विकसित तकनीक के व्यावसायीकऱण के लिये 30 कम्पनियों के साथ तकनीक हस्तांतरण के 30 समझौते किये हैं। ये समझौते 16 रक्षा  कम्पनियों के साथ किये गए हैं। इससे देश में ही रक्षा साज सामान के उत्पादन का नया आधार विकसित होगा औऱ यह देश को सैनिक साज सामान के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।





ये समझौते गोवा विश्वविदयालय में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित वाइब्रेंट गोवा ग्लोबल एक्सपो के दौरान सम्पन्न हुए। गौरतलब है कि  डीआरडीओ सशस्त्र सेनाओं के इस्तेमाल के  लिये तकनीक का विकास करता है  औऱ सेनाओं के इस्तेमाल के लिये इनका उत्पादन शुरू करने के लिये अपनी तकनीक सरकारी औऱ प्राइवेट कम्पनियों को  हस्तांतरित  करता है।

रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक भारतीय सेनाएं दुर्गम स्थानों पर तैनात अपने जवानों के लिये  तैयार भोजन पैकेट हासिल करती हैं। डिब्बाबंद खाद्य सामग्री की सप्लाई प्राइवेट कम्पनियों द्वारा की जाती है। इन खाद्य उत्पादों का इस्तेमाल नागरिक क्षेत्र के लोग भी कर सकते हैं। वाइब्रेंट गोवा समिट के दौरान प्राइवेट कम्पनियों को डीआऱडीओ के प्रतिनिधियों के साथ तालमेल करने का मौका मिला। इस समिट का उद्धघाटन  गोवा के मुख्यमंत्री पमोद सावंत ने किया था। इसमें गोवा सरकार औऱ डीआरडीओ के आला अधिकारियों ने शिरकत की थी।

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