DEFENCE

विशेष रिपोर्ट: DEFEXPO 2018 में होगी हथियारों की होड़

DEFEXPO- 2018
DEFEXPO- 2018 (सौजन्य- गुगल)

नई दिल्ली। अगले सप्ताह 11 से 14 अप्रैल तक चेन्नै के निकट हथियारों की सबसे बड़ी नुमाइश डेफएक्सपो- 2018 (DEFEXPO 2018) होगी जिसमें अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, इजराइल, यूरोपीय देशों आदि की अग्रणी हथियार कम्पनियां भारतीय सेनाओं को अपनी नवीनतम तकनीक और अचूक मारक क्षमता वाली  शस्त्र प्रणालियां बेचने की होड़ करेंगी। अगले एक दशक के भीतर भारतीय सेनाओं को सौ अऱब डालर से अधिक के हथियार मुहैया कराए जाने हैं जिसके मद्देनजर दुनिया की हथियार कम्पनियां चेन्नै की तपती गर्मी में अपने हथियारों के स्टाल लगाएंगी।





हथियारों की यह प्रदर्शनी चैन्नै के निकट ईस्ट कोस्ट रोड पर कांचीपुरम जिले के तिरुविदंथल में होगी। पिछली बार डेफ एक्सपो का आयोजन गोवा के निकट हुआ था और इसके पहले डेफ एकसपो का आयोजन नई दिल्ली के प्रगति मैदान में होता रहा है। भारतीय रक्षा बाजार का काफी तेजी से फैलाव हो रहा है इसलिए दुनिया की हथियार कम्पनियां भारत में अपना कारखाना भी भारतीय कम्पनियों की साझेदारी से खोलना चाहती हैं लेकिन इस बार की रक्षा प्रदर्शनी में भारत अपनी रक्षा उत्पादन क्षमता की प्रदर्शनी कर अपने हथियारों की निर्यात की गुंजाइश तलाशेगा। इस साल DEFEXPO18 के दौरान देश-विदेश की 677 कम्पनियों ने भाग लेने की पु्ष्टि की है।

हालांकि इस साल की रक्षा प्रदर्शनी को रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार ने दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में से एक की संज्ञा दी है लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि पिछले साल की तुलना में इस साल विदेशी कम्पनियों की भागीदारी दस प्रतिशत कम होगी। DEFEXPO18 में इस साल भारतीय रक्षा कम्पनियों की भागीदारी में रिकार्ड बढ़ोतरी हो कर 523 तक पहुंच गई लेकिन विदेशी कम्पनियों की संख्या घट कर 154 पर आ गई। प्रदर्शनी में 18 देशों के मंत्रिस्तरीय शिष्टमंडल आएंगे जबकि 47 देशों के आधिकारिक शिष्टमंडल आएंगे। विभिन्न देशों के 75 व्यापारिक शिष्टमंडल भी दौरा करेंगे। भारत के प्रतिदंवद्वी माने-जाने वाले चीन को भी आमंत्रित किया गया है लेकिन चीन ने अब तक अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है। जिन देशों के मंत्रिस्तरीय शिष्टमंडल आएंगे वे हैं – अमेरिका,  ब्रिटेन, अफगानिस्तान, चेक गणराज्य,  फिनलैंड,  इटली,  मैडगास्कर,  म्यांमार,  नेपाल,  पुर्तगाल,  कोरिया,  सेशल्स और  वियतनाम।

रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार के मुताबिक पहली बार DEFEXPO18 में भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा ताकि देश से रक्षा साज-सामान का निर्यात बढ़ाया जा सके। इसलिए DEFEXPO18 का विचारणीय विषय होगा– भारत-उभरता रक्षा निर्माण केन्द्र। इसे ही आधार बना कर भारत को रक्षासाज सामान के निर्यातक देश के तौर पर पेश किया जाएगा। प्रदर्शनी के दौरान भारत की सावर्जनिक क्षेत्र की शस्त्र उत्पादन क्षमता को दिखाया जाएगा लेकिन इसके साथ ही रक्षा उत्पादन में भारत के प्राइवेट सेक्टर के तेजी से बढ़ते कदम को भी दिखाया जाएगा।

पिछली बार की तुलना में इस साल की रक्षा प्रदर्शनी एक चौथाई बड़े इलाके में होगी। इस साल की रक्षा प्रदर्शनी 2,90, 000 वर्ग फीट इलाके में होगी जोकि पिछले साल के 2,25,00 वर्ग फीट इलाके से 25 प्रतिशत अधिक है। मझोले और छोटे रक्षा उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिये उन्हें भी प्रदर्शनी में भाग लेने को आमंत्रित किया गया है और उन्हें स्टाल बुक कराने के लिये 30 प्रतिशत की छूट दी गई है।

 

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