DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: अरूणाचल में खुला सामरिक महत्व का पुल, सैनिकों की आवाजाही होगी आसान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश में सामरिक रुप से अहम सिसेरी पुल का उद्घाटन किया है। इस पुल से न केवल सीमांत इलाकों तक सैनिकों की आवाजाही आसान होगी बल्कि स्थानीय लोगों के लिये भी यातायात सुगम बनाएगा।





गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अरूणाचल प्रदेश दौरे पर एतराज जाहिर किया है। उसका दावा है कि यह इलाका चीन के दक्षिण तिब्बत का इलाका है।

सिसेरी पुल धोला साढ़िया पुल से होकर तिनसुकिया तक यातायात को जोड़ेगा। अरुणाचल प्रदेश की निचली दिबांग घाटी में स्थित 200 मीटर लम्बा यह पुल जोनाई- पासीघाट, रानाघाट- रोईंग सड़क को जोड़ता है। यह पुल दिबांग घाटी और सियांग को जोड़ेगा। अरुणाचल प्रदेश के लोगों की लम्बे अर्से से इस पुल की जरूरत बताई जा रही थी और इसकी मांग स्थानीय नेता कर रहे थे। यह पुल पासीघाट और रोईंग के बीच यात्रा समय करीब पांच घंटे कम कर देगा। यह पुल ट्रांस अरुणाचल राजमार्ग का हिस्सा होगा।

अरुणाचल प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सीमांत इलाका विकास कार्यक्रम ( बीएडीपी) को मंजूर किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक सरकार ने अरूणाचल प्रदेश में ढांचागत विकास परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि इसके तहत एक रेलवे लाइन भालुपकोंग- टेंगा- तवांग को चालू किया जाएगा। पासीघाट हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा होलोंगी हवाई अड्डे को भी बनाने की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही सेला पास टनेल को भी बन्ने की मंजूरी दी गई है। इस पूरे इलाके में एक सक्षम रेलवे, राजमार्ग, हवाई मार्ग, जल मार्ग और डिजिटल नेटवर्क का जाल बिछाने की योजना है।

ढांचागत विकास की इन योजनाओं के लागू होने से राज्य की अर्थव्यवस्था को चार चांद लगेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। राजनाथ सिंह के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश में चार प्रोजेक्टों पर काम हो रहा है जिनमें वर्तक, अरुणांक, ब्रह्मांक औऱ उडयक पर काम तेजी से चल रहा है। सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाए जा रहे इन ढांचागत प्रोजेक्टों की बदौलत भारत की सामरिक जरुरतों को पूरा किया जा सकेगा। इससे पूरे इलाके के सामाजिक आर्थिक हालात को भी बदलने का अनोखा अवसर पैदा होगा।

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