DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: ब्रह्मोस की बढ़ेगी मारक दूरी और गति

ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण

नई दिल्ली। भारत और रूस द्वारा साझा तौर पर विकसित और उत्पादित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की न केवल मारक दूरी बढ़ाई जाएगी बल्कि इनकी गति में भी भारी बढ़ोतरी होगी।





रूसी एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक ब्रह्मोस की मारक दूरी बढ़ाकर 500 किलोमीटर की जा रही है और इसकी लक्ष्य पर वार करने की गति आवाज से साढ़े चार गुना यानी मैक 4.5 की जा रही है। पहले ब्रह्मोस मिसाइल की मारक दूरी 280 किलोमीटर थी और इसकी रफ्तार 2.8 मैक थी।

ब्रह्मोस एरोस्पेश कम्पनी के प्रबंध निदेशक अलेक्जेंडर मैकसीचेव ने स्पुतनिक को बताया कि  आधुनिकीकरण के जरिये हम हाइपर साउंड की गति हासिल करेंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल  ब्रह्मोस की मारक दूरी बढ़कर 400 किलोमीटर हासिल हो गई है। मारक दूरी 500 किलोमीटर करने के लिये जरूरी है कि इसकी मारक गति में बढ़ोतरी की जाए।

गौरतलब है कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रुज मिसाइल का उत्पादन रूस की एनपीओ मशीनोस्त्रोइनिया और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)) की साझा कम्पनी  ब्रह्मोस एऱोस्पेश द्वारा किया जा रहा है। इस कम्पनी का नाम रूसी मस्क्वा और भारतीय ब्रह्मपुत्र नदियों के नाम पर रखा गया है।  यह कम्पनी दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रुज मिसाइल का उत्पादन कर रही है।

पीजे- 10 के नाम वाली ब्रह्मोस मिसाइल किसी पनडुब्बी, युद्दपोत औऱ विमान से लांच की जा सकती है। भारत की थलसेना, नौसेना और वायुसेना इन मिसाइलों से लैस की जा रही है।

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