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स्पेशल रिपोर्ट: बोईंग के 2 और चिनूक हेलिकॉप्टर भारत पहुंचे

चिनूक हेलिकाप्टर

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के लिये अमेरिकी कम्पनी बोईंग द्वारा बनाए जा रहे दो और चिनूक-47एफ(आई) हेलिकॉप्टर भारत पहुंच गए। बोईंग कम्पनी के एक बयान के मुताबिक भारी वजन उठाने वाले ये दोनों हेलिकॉप्टर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच चुके हैं।





गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना ने पहले चार चिनूक हेलिकाप्टर गत मार्च में ही भारतीय वायुसेना को सौंपे थे। ये चार हेलिकाप्टर वायुसेना में शामिल हो चुके हैं।

बोईंग के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों हेलिकॉप्टरों का भारत आगमन डिलीवरी तिथियों के अनुरुप है। बोईंग ने भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण और मिशन तैयारी को बनाए रखने में अपनी प्रतिबद्धता पहले ही व्यक्त की थी।

चिनूक हेलिकॉप्टर

सीएच-47 चिनूक एक अडवांस्ड मल्टी मिशन हेलिकॉप्टर है जो अदिवत्तीय सामरिक हवाई परिवहन क्षमता से लैस है। हेलिकॉप्टर लड़ाकू और मानवीय राहत कार्यों में सक्षमतापूर्वक इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं। भारतीय वायुसेना ने फिलहाल बोईंग को 15 सीएच-47 हेलिकॉप्ट बनाने के आर्डर दिये हैं। बाकी अन्य 09 चिनूक हेलिकॉप्टर तयशुदा कार्यक्रम के अनुरूप सौंपे जाएंगे। चिनूक हेलिकॉप्टर बनाने वाली बोईंग कम्पनी दुनिया की अग्रणी अंतरिक्ष वैमानिकी कम्पनी है। यह यात्री विमानों के अलावा कई किस्म के लड़ाकू, परिवहन, टोही औऱ अन्य विमानों के अलावा हेलिकाप्टरों का भी विकास और उत्पादन करती है।

बोईंग के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान पहले ही भारतीय वायुसेना में शामिल हो चुके हैं। बोईंग अपने विभिन्न विमानों के कलुपुर्जे भी भारत में बनवाती है और इस इरादे से भारत में उसके 150 से अधिक पार्टनर बन चुके हैं। बोईंग भारत से एक अरब डालर से अधिक मूल्य के वैमानिकी कलपुर्जे औऱ हिस्सो का निर्यात करती है।

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