DEFENCE

Special Report: भारत डाइनामिक्स ने 50 साल में बनाईं एक लाख मिसाइलें

आकाश एमके- 1ए
फाइल फोटो

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वही शस्त्र प्रणालियां आयात की जाएंगी जिनका भारत में स्वदेशी उत्पादन नहीं होता हो। राजनाथ सिंह ने दो दिन पहले यह बयान हैदराबाद में  मिसाइलें बनाने वाली अग्रणी कम्पनी  भारत डाइनामिक्स  के एक समारोह में कही।





रक्षा मंत्री ने कहा कि  भारत को पांच ट्रिलियन वाली आर्थव्यवस्था बनाने में रक्षा उद्योग की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत से रक्षा साज सामान निर्यात करने को भी भारी  बढ़ावा दिया जा रहा है औऱ यह साल 2025 तक समुचित स्तर तक पहुंच जाएगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि  देश की रक्षा तैयारी को मजबूत बनाने के लिये  सशस्त्र सेनाओं  के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। भारत डाइनामिक्स लि. के स्वर्ण जयंती समारोह के मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि  रक्षा शोध एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), भारतीय अतंरिक्ष संगठन (इसरो) औऱ भारत डाइनामिक्स जैसे संगठनों ने अपनी उपलब्धियों से देश  की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत डाइनामिक्स लि.  ने पिछले 50 सालों में  भिन्न किस्मों की एक लाख से अधिक  मिसाइलें बनाई हैं।

 राजनाथ सिंह ने कहा कि आज की आधुनिक दुनिया में कई देशों ने मिसाइलों की काट बना ली है। इसलिये उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि   हाइपर सोनिक मिसाइल तकनीक का विकास करें। उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा नीति क्षेत्रीय और विश्व स्तर पर  शांति और स्थिरता बनाए रखने की है। भारत ड़ाइनामिक्स के कारखाने के परिसर में राजनाथ सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति और डीआरडीओ के प्रमुख रह चुके रक्षा वैज्ञानिक डा. ए पी जे अब्दुल  कलाम की एक मूर्ति का भी अनावरण किया।

भारत डाइनामिक्स लि. ने कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत तेलंगना इलाके की कुछ वीर नारियों को भी रक्षा मंत्री ने सम्मानित किया। भारत डाइनामिक्स ने अपने परिसर को बिजली देने केलिये पांच मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया है जिसाका उद्घाटन रक्षा मंत्री ने किया।

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