DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: शहीद सैनिकों को सहायता राशि अब चार गुना हुई अधिक

जवानों के साथ राजनाथ सिंह
फाइल फोटो

नई दिल्ली। संघर्ष के दौरान सेना के सभी वर्ग के हताहतों के नजदीकी रिश्तेदार को अब सहायता राशि दो लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस आशय के प्रस्ताव को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दी ही। यह राशि सेना संघर्ष हताहत कोष (आर्मी बैटल कैजुअलटी वेलफेयर फंड ) के खाते से दी जाएगी।





अब तक लड़ाई के दौरान मारे गए या 60 फीसदी से अधिक अपंग होने वाले सैनिकों को दो लाख रुपयेकी सहायता राशि मिलती रही है। 60 फीसदी से कम अपंग हुए सैनिकों को एक लाख रुपये की सहायता राशि मिलती थी। यह राशि उदारीकृत परिवार पेंशन, सेना ग्रुप बीमा वित्तीय सहायता, सेना कल्याण कोष और अनुग्रह राशि के अलावा मिलती रही है। अनुग्रह राशि करीब 25 से 45 लाख रुपये और सेना समूह बीमा के तहत 40 से 75 लाख रुपये की राशि मिलती है। इसके अलावा मृत्यु से जुड़ी बीमा योजना के तहत 60,000 रुपये, 15 हजार सेना पत्नी कल्याण संघ, शिक्षा शुल्क का पूरा भुगतान, रेलवे टिकटों में 70 प्रतिशत की सब्सिडी, बेटियों को सहायता, विधवा पुर्नविवाह, अनाथ और अपंग हो चुके सैनिक के बेटे को सहायता अलग से मिलती है।

राजनाथ सिंह जब गृह मंत्री थे तब उन्होंने अर्ध सैनिक बलों के लिये भारत के वीर कोष की स्थापना की थी। इस कोष से शहीद जवानों के परिवारों को वित्तीय मदद दी जाती है।

आर्मी बैटल कैजुअल्टी वेलफेयर फंड की स्थापना जुलाई, 2017 में रक्षा मंत्रालय के तहत पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के तहत की गई थी। फरवरी, 2016 में सियाचिन ग्लेशियर पर हिम स्खलन के दौरान 10 सैनिकों के दब जाने के बाद यह कोष स्थापित करने की पहल की गई थी। इस कोष में आम जनता भी योगदान कर सकती है। इसके लिये उन्हें सिंडिकेट बैंक के एकाउंट- 90552010165915 साउथ ब्लाक शाखा में राशि भेजनी होगी।

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