DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: पोकरण में थलसेना के तोप भी गरजेंगे और लड़ाकू हेलिकॉप्टरों से बम भी बरसेंगे

सिंधु सुदर्शन- 7

नई दिल्ली। पोकरण के रेगिस्तान में भारतीय थलसेना इन दिनों एक वृहद युद्धाभ्यास कर रही है जिसमें थलसेना की हवाई जमीनी लड़ाई की क्षमता को परखा जा रहा है।





सिंधु सुदर्शन- 7 नाम से आयोजित यह युद्धाभ्यास 13 नवम्बर से शुरू हो कर 18 नवम्बर तक चलेगा। इस युद्धाभ्यास में 40 हजार से अधिक सैनिक भाग ले रहे हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य सुदर्शन चक्र कोर की युद्ध लड़ने की तैयारी और समाघात सक्षमता को परखना है। यह युद्धाभ्यास बख्तरबंद और पैदल सैनिकों के यात्रीकृत वाहनों, तोपों, आर्मी एयर डिफेंस, आर्मी एविएशन के हमलावर हेलिकॉप्टर, थलसेना में नई शामिल K- 9 वज्र तोपें और स्वदेशी अडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर रुद्र का एकीकृत प्रयोग किया जा रहा है।

गौरतलब है कि भारतीय थलसेना अपनी पैदल और टैंक टुकड़ियों को हवाई सुरक्षा प्रदान करने के लिये लड़ाकू हेलिकॉप्टरों से लैस हो रही है। इसके लिये थलसेना के पास जमीन पर टैंक नाशक मिसाइलों से लैस हमलावर हेलिकॉप्टर हासिल किये जा रहे हैं।

आधुनिक युद्ध में जमीनी सेना को हवाई समर्थन मिलना काफी जरुरी माना जाने लगा है। किसी भी जमीनी सैन्य टुकड़ी को हवाई सुरक्षा आवरण-प्रदान करने के लिये लड़ाकू हेलिकॉप्टर मुहैया कराए जाने लगे हैं।

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