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स्पेशल रिपोर्ट: नाग एंटी टैंक मिसाइल का गर्मियों का परीक्षण रहा सफल

नाग एंटी टैंक मिसाइल

नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित नाग एंटी टैंक मिसाइल का भारतीय थलसेना ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में गर्मियों के दिनों का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया है। ये परीक्षण 07 से 18 जुलाई के बीच सम्पन्न हुए। नाग एंटी टैंक मिसाइल का सफल यूजर परीक्षण पूरा होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों को बधाई दी है।





नाग मिसाइल से किसी अत्यधिक मजबूत कवच वाले लड़ाकू टैंक को दिन या रात किसी भी मौसम में नष्ट किया जा सकता है। इसकी न्यून्तम मारक दूरी 500 मीटर और अधिकतम मारक दूरी चार किलोमीटर है। यह तीसरी पीढ़ी की दागो और भूल जाओ मिसाइल है। यानी इस मिसाइल को दागने के बाद यह लक्ष्य पर जाकर लगी या नहीं इसकी परवाह करने की जरुरत नहीं होगी। परीक्षण के दौरान अत्यधिक गर्मी के बावजूद इस मिसाइल ने निशाना के तौर पर तैनात किये गए टैंक को इस मिसाइल ने ध्वस्त कर दिखाय़ा। नाग को मिसाइल वाहक नामिका सेलांच की किया गया। यह लांचर एक साथ छह नाग मिसाइल तैनात कर सकता है।

नाग एंटी टैंक मिसाइल

‘नाग’ एंटी टैंक मिसाइल

सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सभी मिसाइलों ने अपने मिशन के लक्ष्य हासिल कर लिये। इस मिसाइल को लक्ष्य पर सीधे और आसमान से भी मार कर दिखाया गया। ये परीक्षण उपभोक्ता यानी सेना द्वारा तय किये गए मानकों के अनुरूप किये गए। नाग मिसाइल ने सर्दी के दिनों का परीक्षण फरबरी में पूरा कर लिया था। सरकार ने नाग मिसाइल को सेना के भंडार में शामिल करने के लिये स्वीकार्यता पत्र जारी कर दिया है।

अधिकारियों के मुताबिक अब थलसेना द्वारा गर्मी और सर्दी में परीक्षण पूरा करने के बाद इसे सेना में शामिल करने की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। इसे थलसेना के आला अधिकारियों ने सत्यापित किया है।

गौरतलब है कि भारतीय थलसेना के लिये इसी किस्म की स्पाइक मिसाइलों का आर्डर इजराइल से भी किया गया है।

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