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आतंकी को मार गिराने वाले 16 साल के कश्मीरी छात्र को मिला शौर्य चक्र

इरफान शेख को शौर्य पदक देते राष्ट्रपति

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में एक दुर्लभ घटना के तौर पर 16 साल के इरफान रमजान शेख को वीरता पदक शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में अपने घर पर हमला करने वाले आतंकियों से मुकाबला करने पर शेख को यह शौर्य चक्र प्रदान किया गया है।





बता दें कि भारत में शांति के समय प्रदान किए जाने वाला वीरता पदक है। यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को दुश्मन के खिलाफ असाधारण वीरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरांत भी दिया जा सकता है।

प्रशस्ति पत्र के मुताबिक साल 2017 में 16-17 अक्टूबर की रात राइफल और ग्रेनेड से लैस 03 आतंकियों ने इरफान के घर पर हमला किया। उनके पिता और पीडीपी नेता मोहम्मद रमजान पूर्व सरपंच थे। इरफान ने हिम्मत नहीं हारी और आतंकियों को घर में दाखिल होने से रोक दिया। इसी बीच उनके पिता बाहर आए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिससे उनकी मौत हो गई। साहस, धैर्य और जांबाजी का परिचय देते हुए इरफान ने आतंकियों की बंदूक छीनकर एक आतंकी मार गिराया। इससे घबराए दो आतंकी साथी का शव छोड़ कर फरार हो गए।

10वीं में पढ़ते हैं इरफान

16 वर्षीय इरफान 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं और वह भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी बनना चाहते हैं। उनके तीन छोटे भाई-बहन और एक चचेरा भाई भी है।

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