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प्रोफाइल: देश की नई रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

रक्षा मंक्षी निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण को देश का नया रक्षा मंत्री बनाया गया है। उन्हें यह भारी भरकम जिम्मेदारी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का मजबूती से पक्ष रखने और वाणिज्य मंत्री के तौर पर सफलतापूर्वक काम करने के लिए दी गई है। भारत की नई केंद्रीय रक्षा मंत्री सोच में स्पष्ट हैं और राय रखने में भी बेबाक और सटीक। देश में स्थाई रक्षा मंत्री की रूप में यह किसी महिला की पहली नियुक्ति है।





खास बात यह है कि 35 साल बाद देश को पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री मिली हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री रहते हुए इंदिरा गांधी रक्षा, गृह, विदेश और वित्त मंत्रालयों का अतिरिक्त भार संभाल चुकी हैं। इंदिरा गांधी ने 1 से 21 दिसंबर 1975 व 14 जनवरी 1980 से 15 जनवरी 1982 तक रक्षा मंत्रालय का प्रभार संभाला था।

नई रक्षा मंत्री बनाए जाने और अपनी प्रोन्नति का श्रेय निर्मला सीतारमण देवीय कृपा तथा पार्टी नेतृत्व को देती हैं।

प्रोफाइल:

जन्म और पढ़ाई:

18 अगस्त 1959 को तमिलनाडु के मदुरै में उनका जन्म हुआ। निर्मला ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से 1980 में अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल की और यहीं से एमफिल भी किया। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें सहपाठी पराकला प्रभाकर से प्यार हुआ और दोनों 1986 में विवाह के बंधन में बंध गए।

BBC वर्ल्ड में काम:

  • लंदन में BBC वर्ल्ड में काम किया। विवाह के बाद निर्मला लंदन चली गईं। यहां वह प्राइज वाटर हाउस कूपर्स में सीनियर प्रबंधक रहीं
  • राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य: ह 1991 में पति के साथ वापस भारत आईं। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं। निर्मला साल 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं।

बीजेपी से जुड़ाव:  

साल 2006 में उनका बीजेपी से जुड़ाव हुआ। प्रवक्ता के तौर पर उन्होंने मीडिया मंचों पर पार्टी का रुख प्रभावी तरीके से रखा। 2008 में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति में शामिल हुईं। 2010 में पार्टी की प्रवक्ता बनीं।

टेक्नोलॉजी से प्यार:

उनकी पहचान एक तकनीक प्रेमी के रूप में है। वह बीजेपी के उन चुनिंदा नेताओं में से एक हैं जो अपने साथ लैपटॉप लेकर चलते हैं।

राज्यसभा सांसद:

वह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। पहले वह राज्यसभा के लिए आंध्र प्रदेश से चुनी गईं थीं। और वर्तमान में वह कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य हैं।

वाणिज्य मंत्री के रूप में:

साल 2014 में उन्हें केंद्रीय मंत्रीमंडल में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। बाद में उन्हें कॉर्पोरेट मामलों की भी जिम्मेदारी दी गई।

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