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IMA : पासिंग आउट परेड से पहले शहीदों को श्रद्धांजलि दी

भारतीय सैन्य अकादमी

देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड में शामिल होने वाले भावी सैन्य अफसरों ने शुक्रवार सुबह इंडियन मिलिट्री के युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों (सैन्य अधिकारियों) को श्रद्धांजलि दी गई।





युद्ध स्मारक में आईएमए से पास आउट हुए उन 841 सैन्य अफसरों के नाम अंकित हैं जो अलग-अलग अंतराल पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं। आईएमए में शनिवार को पासिंग आउट परेड में विभिन्न राज्यों के 423 और 10 मित्र देशों के 67 कैडेट्स अंतिम पग पार करेंगे। इसी क्रम में पास आउट होने से पहले जेंटलमैन कैडेट्स शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर इनकी बहादुरी से प्रेरणा लेते हैं।

शुक्रवार को एकेडमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसके उपाध्याय समेत एकेडमी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों व पासिंग आउट बैच के कुल 490 जेंटलमैन कैडेट्स ने युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद सैन्य अफसरों की शहादत को नमन किया।

शनिवार को इंडियन मिलिट्री एकेडमी ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगी

  • इंडियन मिलिट्री एकेडमी में पासिंग आउट परेड के बाद आज 423 कैडेट बतौर ऑफिसर देश सेवा को समर्पित होंगे
  • 10 मित्र देशों के 67 कैडेट भी पास आउट होकर अपने-अपने देश की सेना का हिस्सा बनेंगे
  • पासिंग आउट परेड की सलामी बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर भारतीय थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत लेंगे
  • परेड को देखते हुए आईएमए कैंपस व आस-पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है
  • स्थापना के आठ दशक पूरे कर चुका इंडियन मिलिट्री एकेडमी देश-विदेश के करीब 59,296 कैडेट्स को प्रशिक्षित करने का गौरव हासिल कर लेगा
  • इनमें करीब 57,334 कैडेट ने हिन्दुस्तान की आन, बान और शान की हिफाजत में अपने कदम बढ़ाए
  • आईएमए के सैन्य प्रशिक्षण का लोहा मित्र देश भी मान रहे हैं
  • अकादमी से साहस और शौर्य की सीख लेकर कई विदेशी कैडेट अपने मुल्क की सेना में शीर्ष ओहदे तक पहुंचे हैं
  • आईएमए से अब तक तकरीबन 2000 विदेशी कैडेट्स प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं

10 जून को होने वाली आईएमए की पासिंग आउट परेड को लेकर तैयारियां जोरों पर है। जहां एक ओर जेंटलमैन कैडेट्स कदम ताल मिलाने में लगे हैं, वहीं आईएमए प्रशासन व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने में जुटा है। आईएमए पीओपी में इस साल बतौर रिव्यूविंग ऑफिसर भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत शामिल होंगे।

उत्तराखंड मूल के जनरल रावत के भारतीय थल सेना अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रदेश में यह पहला दौरा होगा। जनरल रावत देश को मिलने जा रहे युवाओं में जोश भरेंगे और मौजूदा सामरिक परिस्थितयों के अनुकूल काम करने की सीख देंगे।

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